नयी दिल्ली, 14 फरवरी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में पार्कों के कंक्रीटीकरण के संबंध में किसी भी तरह की जांच कराने से इनकार कर दिया है और ऐसे किसी भी उल्लंघन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी है।
एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव, न्यायिक सदस्य न्यायमूर्ति अरुण कुमार त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही है, जिसमें दावा किया गया था कि क्षेत्र में पार्कों का कंक्रीटीकरण कर दिया गया है, जिससे हरित क्षेत्र कम हो रहा है।
याचिका में इलाके के फुटपाथ और पार्कों से कंक्रीट हटाने का अनुरोध किया गया था।
छह फरवरी को दिये गए आदेश में पीठ ने कहा, ‘‘हमें लगता है कि जब तक आवेदक ऐसे पार्कों और उल्लंघनों का ब्योरा पेश नहीं करता, कोई भी जांच करना उपयुक्त नहीं होगा।’’
पीठ ने कहा कि ऐसा अनुरोध स्वीकार नहीं किया जा सकता तथा याचिका पर केवल उन पार्कों के नामों पर विचार किया जाएगा, जिनका खुलासा किया गया है।
मामले की अगली सुनवाई 15 मई को निर्धारित की गई है।
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