देश की खबरें | सहारनपुर में रेत खनन के आरोप संबंधी याचिका पर एनजीटी ने समिति से मांगी रिपोर्ट

नयी दिल्ली, 29 जून राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में लॉकडाउन के दौरान नियमों का उल्लंघन कर रेत खनन होने के आरोपों से जुड़ी याचिका पर अपने द्वारा गठित समिति से तथ्यात्मक रिपोर्ट सोमवार को मांगी ।

एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सहारनपुर के जिलाधिकारी और राज्य पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईएए) के एक सदस्य पर आधारित समिति से इस मामले में 15 जुलाई से पहले रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

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पीठ ने कहा, “समन्वय और अनुपालन के लिए एसईआईएए, उत्तर प्रदेश नोडल एजेंसी होगी। याचिकाकर्ता सहारनपुर के जिलाधिकारी और एसईआईएए को दस्तावेजों की एक प्रति मुहैया करा सकता है और इस बारे में ईमेल के जरिये एक हलफनामा दे सकता है।”

अधिकरण स्थानीय निवासी प्रमोद द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसने आरोप लगाया कि सहारनपुर जिले में नदी किनारे रेत खनन को लेकर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट को अंतिम रूप बिना प्रतिपूर्ति अध्ययन के ही दिया जा रहा है, जबकि रेत खनन प्रबंधन दिशानिर्देश, 2020 के तहत ऐसा किया जाना जरूरी है।

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याचिका में आरोप लगाया गया कि खनन स्थल कालेसर राष्ट्रीय उद्यान और गज अभयारण्य के एक किलोमीटर के दायरे में है जो पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के आदेश के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में आता है।

याचिका में कहा गया कि सहारनपुर के हथिनीकुंड बैराज के प्रतिबंधित इलाके में खनन किया जा रहा है और लॉकडाउन की अवधि के दौरान रेत खनन किया जाता रहा।

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