नयी दिल्ली, एक सितंबर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों को मथुरा जिले के गोवर्धन में परिक्रमा मार्ग के इर्दगिर्द सर्विस रोड के निर्माण समेत उसके अन्य निर्देशों के अनुपालन की निगरानी करने का मंगलवार को निर्देश दिया।
एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि पांच वर्ष से अधिक वक्त पहले ही गुजर चुका है और अधिकरण के निर्देशों से संबंधित लंबित मुद्दों पर जल्द से जल्द ध्यान दिया जाना चाहिए।
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पीठ ने कहा, ‘‘विभिन्न प्राधिकारियों से अधिकरण के संवाद के बजाए, निगरानी राज्य में वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर संयुक्त रूप से की जा सकती है। वे महीने में कम से कम एक बार बैठक कर सकते हैं, अनुपालन स्थिति का जायजा ले सकते हैं और यदि कोई दिक्कतें हैं तो उन्हें दूर कर सकते हैं।’’
इसके लिए अधिकरण ने एक समिति बनाई है जिसमें पर्यटन एवं शहरी विकास, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी, मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट और मथुरा वृंदावन विकास प्राधिकरण के सीईओ शामिल हैं।
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एनजीटी ने निर्देश दिया कि अधिकारियों की पहली बैठक 30 सितंबर को या उससे पहले हो सकती है।
उसने कहा, ‘‘राजस्थान के भरतपुर के जिला मजिस्ट्रेट संबंधित मुद्दों को सुलझाने के लिए महीने में एक बार मथुरा के जिला मजिस्ट्रेट से बात कर सकते हैं।’’
अधिकरण मथुरा के गिरिराज परिक्रमा संरक्षण संस्थान तथा अन्य की याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उसके 4 अगस्त 2015 के निर्देशों के अनुपालन की मांग की गई थी।
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