देश की खबरें | एनजीओ ने विकास दुबे, साथियों के मारे जाने के मामले में न्यायालय से एसआईटी जांच की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. उच्चतम न्यायालय में शनिवार को एक एनजीओ ने उत्तर प्रदेश में कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके दो साथियों के मारे जाने के मामले में एसआईटी जांच की मांग करते हुए कहा कि मुठभेड़ के मामले में पुलिस के बयान कई गंभीर सवाल उठाते हैं।
नयी दिल्ली, 11 जुलाई उच्चतम न्यायालय में शनिवार को एक एनजीओ ने उत्तर प्रदेश में कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके दो साथियों के मारे जाने के मामले में एसआईटी जांच की मांग करते हुए कहा कि मुठभेड़ के मामले में पुलिस के बयान कई गंभीर सवाल उठाते हैं।
पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने जनवरी 2017 से मार्च 2018 के बीच उत्तर प्रदेश में पुलिस मुठभेड़ों के मामले में एसआईटी या सीबीआई जांच की मांग करते हुए शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल की थी। उसने अपने लंबित जनहित याचिका में एक नयी अंतरिम याचिका दाखिल की है और अदालत से अपराधियों तथा नेताओं के बीच साठगांठ तथा मुठभेड़ों की जांच के लिए न्यायालय के एक पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति बनाने का अनुरोध किया है।
कुख्यात अपराधी दुबे शुक्रवार सुबह कानपुर के पास उस समय पुलिस की गोली से मारा गया जब वह उसे उज्जैन से लेकर आ रही गाड़ी के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद कथित रूप से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने अलग-अलग मुठभेड़ों में दुबे के दो कथित सहयोगियों अमर दुबे और प्रभात मिश्रा को भी मार दिया था।
एनजीओ ने वकील अपर्णा भट्ट के माध्यम से दाखिल याचिका में घटनाक्रम का जिक्र किया और कहा, ‘‘मुठभेड़ को लेकर पुलिस के बयान कई गंभीर सवाल उठाते हैं।’’
याचिका में मांग की गयी है, ‘‘विकास दुबे, अमर दुबे और प्रभात मिश्रा के एनकाउंटरों के मामले में जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जाए।’’
इसमें कहा गया कि पुलिस द्वारा एनकाउंटर गंभीर अपराध है और पूरे समाज के खिलाफ जुर्म है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)