संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सीरिया के लिए 2016 में अंतरराष्ट्रीय, निष्पक्ष और स्वतंत्र तंत्र गठित किये जाने के बाद इसके प्रमुख रॉबर्ट पेटिट के नेतृत्व में यह पहली दमिश्क यात्रा थी।
इसका गठन 2011 में सीरिया में शुरू हुए गृहयुद्ध के बाद से संभावित युद्ध अपराधों, मानवता के विरुद्ध अपराधों और नरसंहार के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ साक्ष्य जुटाने और मुकदमा चलाने में सहायता के लिए किया गया था।
पेटिट ने दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को नष्ट होने से पहले संरक्षित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद को विद्रोहियों द्वारा अपदस्थ किये जाने, कारागारों और हिरासत केन्द्रों को खोले जाने के बाद से उनके सत्ता में रहने के दौरान अत्याचारों और हत्याओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाने की मांग सीरिया में जोर पकड़ती जा रही है।
पेटिट ने कहा, ‘‘असद शासन का पतन हमें जमीनी स्तर पर अपना काम करने का मौका देता है।’’
संयुक्त राष्ट्र के सह प्रवक्ता स्टीफन ट्रेम्बले ने सोमवार को कहा कि जांच दल ‘‘सीरिया में तैनाती की तैयारी कर रहा है और पश्चिम एशियाई देश में काम करने की अनुमति मिलते ही अपना काम शुरू कर देगा।’’
संयुक्त राष्ट्र की 193 सदस्यीय महासभा ने जून 2023 में संघर्ष के परिणामस्वरूप लापता हुए 130,000 से अधिक लोगों का पता लगाने के लिए भी एक स्वतंत्र संस्थान की स्थापना की थी।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY