नयी दिल्ली, 28 जून केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि जम्मू कश्मीर में स्थायी निवास के नए नियम से नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के नेताओं में डर है क्योंकि वे लंबे समय तक अपने वोट बैंक पर निर्भर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के लोग ऐसे राजनेताओं की वजह से परेशान होते रहे जो बीते कुछ दशकों में पीढ़ी दर पीढ़ी वंशवाद को बढ़ाने के लिये अपने ही लोगों को धोखा देते रहे।
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कार्मिक मंत्रालय में राज्य मंत्री सिंह ने कहा, “उनकी वास्तविक चिंता यह है कि नए कानून की वजह से देश के अन्य हिस्सों की तरह लोगों को स्वतंत्र मतदान का अधिकार मिल गया और अब जब अवैध रूप से सालों तक मतदान के अधिकार से वंचित रखे गए ये लोग मतदान करेंगे तो वे चुनावी परीक्षा में पास नहीं हो पाएंगे।”
एक अधिकारी ने उनको उद्धृत करते हुए कहा कि समय का चक्र अब घूम गया है और अब जम्मू कश्मीर कभी भी कुछ लोगों या कुछ परिवारों की जागीर नहीं रहेगा।
सिंह ने कहा कि कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कुछ अन्य राजनीतिक दल जम्मू-कश्मीर के नए स्थायी निवास कानून से हिले हुए हैं।
उन्होंने कहा, “और जब उनके नेता कहते हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोग नए कानून से डरे हुए हैं तब तथ्य यह है कि वो खुद डरा हुआ महसूस कर रहे हैं क्योंकि वे खुद काफी समय तक बंधक बनाकर रखे गए इस वोटबैंक के कारण सत्ता में रहकर पनपते रहे और उनमें यह लोकतांत्रिक साहस नहीं था कि स्वतंत्रता से चुनावों का सामना कर सकें।”
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