ब्रिक्स देशों --ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका-- के विदेश मंत्रियों की कोरोना वायरस को लेकर हुई बैठक के बाद रूस के विदेश मंत्री सेरगी लावराव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमारा मानना है कि यह हमारे देशों की अर्थव्यवस्थाओं के लिये ऐसे मौके पर जब ये संकट की स्थिति से बाहर निकल रहीं हैं और आर्थिक गतिविधियों को शुरू करने जा रही है, यह बहुत अच्छी मदद होगी।’’
कोरोना वायरस महामारी पूरी दुनिया के लिये बड़ा झटका लेकर आई है। पूरी दुनिया की सरकारें इस झटके को हल्का करने के लिये कई तरह के उपाय कर रही हैं।
लावरोव ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस मामले में एकजुट होकर यह सुनिश्चित करना चाहिये कि हमारे इन प्रयासों के हमारे नागरिकों और हमारे देशों के लिये बहुत सकारात्मक परिणाम सामने आयें।
उन्होंने कहा कि इन प्रयासों को देशों पर प्रतिबंध लगाकर कमजोर किया जा रहा है इन प्रतिबंधों को हटाया जाना चाहिये।
लावरोव ने कहा, ‘‘इस मामले में हम संयुक्तराष्ट्र महासिचव और संयुक्तराष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त की इस अपील का समर्थन करते हैं कि इन एकतरफा लगाये गये प्रतिबंधों को कम से कम निलंबित कर दिया जाना चाहिये और सबसे बेहतर होगा कि हटा लिया जाना चाहिये। ये प्रतिबंध संयुक्त राष्ट्र के प्रतिकूल हैं। ’’
रुस द्वारा उक्रेन के क्रिमिया को 2014 में कब्जे में कर लेने की प्रतिक्रिया स्वरूप अमेरिका और यूरोपीय संघ ने रूस पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। इन प्रतिबंधों की वजह से रूस की वैश्विक वित्तीय बाजारों तक पहुंच सीमित कर दी गई और पश्चिमी प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को भी रोक लगादी गई। रूस ने इसके जवाब में ज्यादातर पश्चिमी कृषि उत्पादों के आयात पर रोक लगाई है।
एपी
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