विदेश की खबरें | प्रधानमंत्री प्रचंड की टिप्पणी को लेकर नेपाली संसद रविवार तक स्थगित, विपक्ष ने इस्तीफे की मांग की
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

काठमांडू, सात जुलाई प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ की टिप्पणी को लेकर विपक्ष के हंगामे के बाद नेपाली संसद के दोनों सदनों को शुक्रवार को रविवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विपक्ष प्रचंड के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

दाहाल ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी यहां बसे एक भारतीय कारोबारी ने उन्हें प्रधानमंत्री बनाने का ‘‘एक बार प्रयास’’ किया था।

प्रचंड ने सरदार प्रीतम सिंह पर लिखी किताब के विमोचन समारोह में उक्त टिप्पणी की थी जिसके बाद कई धड़ों ने उनकी आलोचना की थी।

प्रचंड ने सोमवार को कहा था, ‘‘उन्होंने (सिंह ने) एक बार मुझे प्रधानमंत्री बनाने का प्रयास किया था। वह मुझे प्रधानमंत्री बनाने के लिए कई बार दिल्ली गए और काठमांडू में नेताओं के साथ कई दौर की वार्ता की।’’

मुख्य विपक्षी दल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) ने प्रधानमंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी ने देश की प्रतिष्ठा और आजादी को नुकसान पहुंचाया है।

सीपीएन-यूएमएल अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली ने प्रचंड से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी से राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंची है।

इस बीच, सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल नेपाली कांग्रेस, सीपीएन- एकीकृत समाजवादी ने प्रचंड का बचाव किया है। बालुवाटार स्थित प्रधानमंत्री के आधिकारिक आवास पर बृहस्पतिवार को हुई बैठक में फैसला किया गया कि प्रचंड इस्तीफा देने के बजाय संसद का सामना करेंगे।

सीपीएन- एकीकृत समाजवादी के वरिष्ठ नेता राजेंद्र पांडेय ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन प्रचंड के साथ है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्षी पार्टियों को प्रधानमंत्री से कोई शिकायत है तो वे संसद में उनसे जवाब तलब कर सकती हैं।

सीपीएन- यूएमएल के सांसदों ने राष्ट्रीय सभा की शुक्रवार को प्रधानमंत्री के बयान को लेकर संसद की कार्यवाही बाधित की और विरोध में अपने-अपने स्थानों पर खड़े हो गए।

सांसद बिमला घिमिरे ने कहा कि प्रचंड ने टिप्पणी की है कि व्यक्ति और दूसरे देश ने प्रधानमंत्री निर्वाचित करने में पहल की जो हमारे संविधान और संप्रभुता के खिलाफ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जबतक प्रचंड इस्तीफा नहीं दे देते राष्ट्रीय सभा की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ेगी।

नेपाली संसद के उच्च सदन प्रतिनिधि सभा की कार्यवाही भी प्रचंड के बयान को लेकर विपक्षी दलों सीपीएन-यूएमएल, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी), राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) के हंगामे की वजह से रविवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रचंड (68) ने पिछले साल 26 दिसंबर को तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी।

इस बीच, प्रचंड के प्रेस सलाहकार गोविंदा आचार्य ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री की टिप्पणी की संदर्भ से परे जाकर व्याख्या कर रही हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)