मुंबई, एक अप्रैल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को कहा कि वित्तीय उद्योग परिदृश्य में उभरते बदलावों के साथ ‘नये बैंक ढांचे’ के अध्ययन की जरूरत है।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के 90वें स्थापना दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मोदी ने कहा कि बदलते परिदृश्य में ‘वित्तपोषण, परिचालन और कारोबारी मॉडल’ के नये तरीकों की आवश्यकता हो सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बैंक उद्योग को यह सुनिश्चित करने के लिए आगे बढ़ने की जरूरत है ताकि वह देश के भविष्य की वृद्धि के लिए जरूरी परियोजनाओं की कर्ज जरूरतों को पूरा कर सके।
उन्होंने कहा कि इसके साथ ही उद्योग के सामने कृत्रिम मेधा (एआई) और ब्लॉकचेन सहित कुछ चुनौतियां भी हैं। ये डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक (वित्तीय प्रौद्योगिकी) जैसे नवोन्मेष पर बढ़ती निर्भरता के बीच बैंक, साइबर सुरक्षा की तस्वीर बदल रही हैं।
मोदी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘ऐसी स्थिति में, हमें देश के बैंकिंग क्षेत्र और इसकी संरचना में आवश्यक बदलाव के बारे में सोचने की जरूरत है।’’ इस मौके पर जाने-माने उद्योगपति मुकेश अंबानी, टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन, महिंद्रा समूह के चेयरमैन आनंद महिंद्रा सहित बैंकों के शीर्ष अधिकारी उपस्थित थे।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की वृद्धि संभावनाओं और क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक को कर्ज जरूरतों का आकलन करना चाहिए।
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