विदेश की खबरें | अमेरिका में दोनों दलों के बीच सहयोग की भावना फिर से पैदा करने की जरूरत है: बाइडेन

वाशिंगटन, 13 अक्टूबर अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार जो बाइडेन ने देश को विभाजित करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रप की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका में दोनों बड़े राजनीतिक दलों (रिपब्लिकन पार्टी एवं डेमोक्रेटिक पार्टी) के बीच सहयोग की भावना फिर से पैदा किए जाने की आवश्यकता है।

बाइडेन ने ओहायो के सिनसिनाटी में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका को ऐसे नेतृत्व की आवश्यकता है, जो तनाव कम कर सके और संवाद के माध्यम खोले।

यह भी पढ़े | Coronavirus Vaccine Update: पाकिस्तान में अगले 6 महीनों में COVID19 के वैक्सीन आने के आसार, कुल संक्रमितों का आकड़ा पहुंचा 319,317.

पूर्व उपराष्ट्रपति ने सोमवार को कहा, ‘‘हमें इस देश में दोनों दलों के बीच सहयोग की भावना फिर से पैदा करने की आवश्यकता है।’’

बाइडेन (77) ने कहा, ‘‘यह अमेरिका को एकजुट करने का समय है और हम डर के ऊपर उम्मीद, कल्पना के ऊपर विज्ञान, झूठ के ऊपर सच और विभाजन के ऊपर एकता को चुनकर ऐसा कर सकते हैं। लोकतंत्र में सर्वसम्मति की आवश्यकता होती है। मैं गौरवान्वित डेमोक्रेट के रूप में लड़ रहा हूं, लेकिन मैं अमेरिकी राष्ट्रपति की तरह सत्ता संभालूंगा।’’

यह भी पढ़े | भारतीय अमेरिकी समाजसेवी हरीश कोटेचा को अमेरिका में ‘लाइफटाइम अचीवमेंट’ पुरस्कार से किया गया सम्मानित.

उन्होंने कहा कि ट्रम्प की नीतियों के कारण कोविड-19 की वजह से 2,14,000 से अधिक अमेरिकियों की जान चली गई।

इस बीच, लोकप्रिय रिपब्लिकन नेता निक्की हेली ने चीन पर ‘‘यथास्थिति’’ बनाए रखने और ईरान परमाणु समझौते में फिर से शामिल होने की इच्छा के लिए बाइडेन की आलोचना की।

उन्होंने वामपंथी एजेंडा आगे बढ़ाने के लिए उपराष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एवं भारतीय-अमेरिकी नेता कमला हैरिस की भी निंदा की।

भारतीय-अमेरिकी हेली (48) इससे पहले तक हैरिस (55) की सार्वजनिक रूप से आलोचना करते से बचती रही हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘हैरिस ने 2017 की कर कटौती को रद्द करने और अमेरिकी लोगों में निवेश करने का वादा किया। उन्होंने वाम की इस मूल विचारधारा को सामने ला दिया कि लोगों का धन उनके बजाए, सरकार बेहतर तरीके से खर्च कर सकती है।’’

हेली ने कहा, ‘‘बाइडेन चीन पर यथास्थिति का हिस्सा थे, जबकि ट्रम्प प्रशासन ने चीन के बारे में बहस ही मूल रूप से बदल दी। चीन के साम्यवादी खतरे को लेकर अमेरिका की आंखें खुल गई हैं और उसने चीन की जासूसी रोकने तथा तकनीक, विनिर्माण एवं रक्षा के क्षेत्र में चीन का सामना करने के लिए ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)