जरुरी जानकारी | छोटे उद्योगों को समर्थन देने के लिए नकदी डालने की आवश्यकता: परिधान निर्यातक

कोयंबटूर, एक मार्च चालू वित्त वर्ष में तिरुपुर में तैयार वस्त्रों का निर्यात 32,000 करोड़ रुपये के स्तर को पार कर जाने की संभावना है। लेकिन निर्यातकों ने रूस के यूक्रेन पर हमले के मद्देनजर प्रतिकूल प्रभाव होने की आशंका व्यक्त की है।

तिरुपुर निर्यातक संघ (टीईए) ने कहा कि पिछले दस महीने में निर्यात 26,030 करोड़ रुपये रहा।

सोमवार को चेन्नई में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को एक ज्ञापन में टीईए ने कहा कि पिछले 15 महीनों में कच्चे माल, सूती धागे की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि के साथ-साथ सहायक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी ने नकदी के मोर्चे पर एमएसएमई को प्रभावित किया है।

टीईए के अध्यक्ष राजा एम षणमुगम ने कहा कि निर्यात ऋण सुविधा गारंटी योजना के माध्यम से ऋण सहायता प्राप्त करने के बाद भी लागत की भारी वृद्धि ने उनकी नकदी को पूरी तरह से समाप्त कर दिया। उन्होंने कहा कि जो इकाइयाँ महीने भर पहले 300 रुपये में एक किलो सूती धागा खरीद रही थीं, वे अब इतनी ही राशि में केवल आधा किलो की खरीद कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि नतीजतन, एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम) अब नकदी संकट की स्थिति से गुजर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि चिंता की बात यह है कि परिधान निर्यात क्षेत्र की 95 प्रतिशत इकाइयां एमएसएमई के अंतर्गत आती हैं और उन्हें पटरी पर लाने के लिये ताजा नकदी डाले जाने की आवश्यकता है।

टीईए ने मंत्री से एमएसएमई को अपनी लागत निकालने में मदद करने, निर्यात आदेश प्राप्त करने और विकास के रास्ते पर बढ़ने में मदद करने के लिए एक और दो साल के लिए निर्यात कर्ज सुविधा योजना (इंटरेस्ट एक्वलाइजेशन स्कीम) के विस्तार की घोषणा करने का अनुरोध किया।

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