कठुआ/जम्मू, एक अप्रैल जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) आर.आर. स्वैन ने सोमवार को कहा कि केंद्र शासित प्रदेश में लोकसभा चुनाव के दौरान सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल सभी हितधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 24 घंटे काम कर रहे हैं।
स्वैन ने कठुआ में महिला पुलिसकर्मियों की पासिंग आउट परेड से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहे हैं। मतदाताओं, रैलियों और उम्मीदवारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हमारे अधिकारी और बल 24 घंटे योजना और कार्यान्वयन में जुटे हुए हैं।’’
उन्होंने बताया कि पुलिस केंद्र और उसकी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किए हुए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ पुलिस नेतृत्व महिलाओं की भागीदारी के प्रति संवेदनशील है। हमारी सेनाओं में महिलाओं की उपस्थिति मात्र छह प्रतिशत है। हम इसे और बढ़ाएंगे।’’ उन्होंने कहा कि सोमवार को 922 महिला कांस्टेबल बल में शामिल हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि पुलिस बल के विस्तार पर फैसला सरकार के क्षेत्राधिकार का मामला है। स्वैन ने कहा, ‘‘ हम इसके बारे में सरकार को अवगत कराएंगे। हम कानून-व्यवस्था, जांच और खुफिया संग्रह के तंत्र को और मजबूत करेंगे।’’
जम्मू-कश्मीर में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में होंगे, जिसके तहत 19 अप्रैल (उधमपुर), 26 अप्रैल (जम्मू), 7 मई (अनंतनाग-राजौरी), 13 मई (श्रीनगर) और 20 मई (बारामूला) को मतदान होगा। मतगणना चार जून को होगी।
इसके अलावा, डीजीपी ने कहा, ‘‘ हम वादा करते हैं कि प्रौद्योगिकी जैसे सीसीटीवी, ‘सिक्योरिटी लाइट’ और सेंसर जैसे बुनियादी ढांचे के माध्यम से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।’’
स्वैन ने कहा कि सुरक्षा को ‘‘एक हैसियत नहीं, बल्कि एक जरूरत’’ के रूप में देखा जाना चाहिए।
अपने आवास और सुरक्षा प्राप्त व्यक्तियों की सुरक्षा में कटौती की योजना के बारे में एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा, ‘‘ दो पहलू हैं- पहला, सुरक्षा परिस्थितियों में बदलाव और दूसरा, पेशेवर दृष्टिकोण के आधार पर सुरक्षा मुहैया करना।’’
इससे पहले रविवार को, अधिकारियों ने कहा था कि डीजीपी स्वैन के जम्मू आवास पर सुरक्षा कर्मचारियों की संख्या में एक तिहाई तक कमी की जाएगी।
डीजीपी ने कहा, ‘‘ यह साफ है कि यदि जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और इलाकों को सुरक्षित करने के लिए पुलिस बल को तैनात किया जाता है तो व्यक्ति विशेष की सुरक्षा के लिए तैनाती की कोई आवश्यकता नहीं होगी।’’
उधर, पुलिस ने सोमवार को बताया कि जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में कथित संलिप्तता को लेकर पांच लोगों पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पांचों आरोपियों की पहचान आसिफ अली भट, मोहम्मद याकूब भट, वसीम मेहराज फराश, बशीर अहमद सुआलिया और बिलाल अहमद डार उर्फ शाकिर के रूप में की गई है।
उन्होंने बताया कि आरोपी व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और बाद में जिला जेल उधमपुर और केंद्रीय कारागार कोट भलवाल जम्मू में भेज दिया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘ कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल इन लोगों के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। कई प्राथमिकी में नाम दर्ज होने के बावजूद ये लोग राष्ट्र-विरोधी और असामाजिक गतिविधियों जुड़े रहे।’’
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