नयी दिल्ली, 29 जून राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के चेयरमैन मीनेश शाह ने कहा है कि बोर्ड ‘पराग डेयरी’ के नाम से प्रसिद्ध उत्तर प्रदेश के प्रदेश कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की पुनरुद्धार योजना के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि एक खाका तैयार हो चुका है और इसकी बेकार पड़ी क्षमता के बेहतर इस्तेमाल के लिए बातचीत चल रही है।
शाह ने बयान में कहा, “वाराणसी दुग्ध संघ की प्रतिदिन की क्षमता 6,000-7,000 लीटर से बढ़कर दो लाख लीटर सिर्फ एक साल के अंदर हो गई है। यह बताता है कि दुग्ध उत्पादकों को बेहतर सेवाएं देकर और संचालन में व्यावसायिकता और दक्षता लाकर उत्तर प्रदेश में डेयरी सहकारी समितियों को पुनर्जीवित किया जा सकता है।”
शाह ने कहा, “हालांकि, सहकारी रणनीतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश में डेयरी क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के लिए डेयरी कोऑपरेटिव और दुग्ध उत्पादक संगठनों को मिलकर काम करना होगा।”
उन्होंने कहा कि एनडीडीबी ने वाराणसी, गोरखपुर और रायबरेली में दुग्ध उत्पादक संघों व उप डेयरी कोऑपरेटिव की सहायता के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
शाह ने मंगलवार को आगरा में एक सचल दूध बिक्री वैन (मोबाइल मिल्क वेंडिंग वैन) की शुरुआत करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात कही।
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