जरुरी जानकारी | एनसीएलटी ने एफआरएल मामले में अमेजन की याचिका पर फैसला सुरक्षित रखा

मुंबई, 27 जून राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने कर्ज में डूबी कंपनी फ्यूचर रिटेल लिमिटेड (एफआरएल) के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने की अपील के खिलाफ दायर अमेजन की याचिका पर सोमवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया।

एफआरएल को कर्ज देने वाले बैंक ऑफ इंडिया ने कंपनी के खिलाफ कर्ज समाधान प्रक्रिया शुरू करने की अर्जी लगाई थी। लेकिन अमेजन ने अपनी याचिका में इसका विरोध किया था।

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एनसीएलटी की मुंबई पीठ ने एफआरएल को बृहस्पतिवार तक लिखित रूप में अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही प्रदीप नरहरि देशमुख और श्याम बाबू गौतम की अगुवाई वाली पीठ ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।

बैंक ऑफ इंडिया ने न्यायाधिकरण से एफआरएल के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू करने के लिए गत अप्रैल में अर्जी लगाई थी। एफआरएल ने 5,322.32 करोड़ रुपये के बकाया कर्ज के पुनर्भुगतान में चूक की थी।

इसका विरोध करते हुए अमेजन ने गत 12 मई को एक हस्तक्षेप याचिका दायर की थी। अमेजन का कहना है कि एफआरएल ने अक्टूबर, 2020 में आए सिंगापुर मध्यस्थता पंचाट के फैसले का सम्मान नहीं किया है।

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