देश की खबरें | एनसीएलटी चार महीने में दिल्ली जिमखाना क्लब से जुड़े मामले को निपटाने का प्रयास कर सकता है : न्यायालय

नयी दिल्ली, 30 सितंबर उच्चतम न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) दिल्ली जिमखाना क्लब से जुड़े मामले को चार महीने के भीतर निपटाने का प्रयास कर सकता है जिसमें एनसीएलएटी ने फरवरी में क्लब की आम समिति को निलंबित करने और सरकार को कोई प्रशासक नियुक्त करने का निर्देश दिया था।

शीर्ष अदालत कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय और क्लब की याचिकाओं पर 15 फरवरी को राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) द्वारा पारित किए गए आदेश के खिलाफ दायर याचिका सहित संबंधित अनुरोधों पर सुनवाई कर रही थी। क्लब ने अपनी याचिका में 2020 में मामले में एनसीएलटी द्वारा दिए गए अंतरिम आदेश को चुनौती दी थी।

न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर के नेतृत्व वाली पीठ ने कहा, ‘‘विवाद की प्रकृति पर विचार करते हुए यह उचित है कि मुख्य प्रक्रियाओं को तेजी से निपटाया जाए। एनसीएलटी इस आदेश की प्रति मिलने की तारीख से चार महीने के भीतर मुख्य प्रक्रियाओं को अंतिम रूप से निपटाने के लिए प्रयास कर सकती है।’’

प्रशासक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने कहा कि सदस्यता के मुद्दे पर फॉरेंसिक ऑडिट जारी है।

पीठ ने साल्वे से पूछा ‘‘फॉरेंसिक ऑडिट में कितना समय लगेगा?’’ साल्वे ने कहा कि यह तीन-चार महीने में हो जाना चाहिए।

शीर्ष अदालत ने 23 सितंबर को इन आरोपों का संज्ञान लिया था कि दिल्ली जिमखाना क्लब का रिकॉर्ड नष्ट किया जा रहा है। इसने क्लब के प्रशासक को निर्देश दिया था कि वह सुनिश्चित करें कि अगले आदेशों तक परिसर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रहे।

फरवरी में अपने आदेश में एनसीएलएटी ने अगले आदेशों तक क्लब की नई सदस्यता स्वीकार किए जाने पर रोक लगा दी थी।

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