नयी दिल्ली, एक अगस्त स्वापक नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने मंगलवार को भारत में ‘डार्कनेट’ पर संचालित “सबसे बड़े” ‘एलएसडी’ समूह का भंडाफोड़ करने का दावा किया और 13 हजार से अधिक ‘ब्लॉट’, 26 लाख रुपये नकदी जब्त कर तीन लोगों को गिरफ्तार किया।
एनसीबी के उप महानिदेशक (संचालन एवं प्रवर्तन) ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि 'जंबाडा' नामक समूह बड़ी मात्रा में उच्च दर्जे के मादक पदार्थ ‘एलएसडी’ का कारोबार और आपूर्ति करता है। यह ब्रिटेन, अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा, रूस, स्पेन, पुर्तगाल, यूनान और तुर्किये में भी काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि समूह का संचालन 21-25 वर्ष की आयु वर्ग के शिक्षित लड़के कर रहे हैं ।
इससे दो महीने पहले जून में एजेंसी ने 15,000 ‘एलएसडी ब्लॉट’ जब्त करके आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार किया था।
एलएसडी या ‘लिसेर्जिक एसिड डायथाइलैमाइड’ एक सिंथेटिक रसायन आधारित मादक पदार्थ है। युवा बड़े पैमाने पर इसका उपयोग करते हैं और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। यह गंधहीन, रंगहीन और स्वादहीन होता है और यह कागज के छोटे टुकड़ों (ब्लॉट) पर लगा होता है जिसे चाटा या निगला जा सकता है।
सिंह ने कहा कि अभियान के दौरान पता चला कि ‘डार्कनेट’ पर संचालित‘एलएसडी’ समूह जंबाडा दिल्ली-एनसीआर से काम करता है।
‘डार्कनेट’ गुप्त इंटरनेट प्लेटफॉर्म को कहा जाता है, जिसका उपयोग मादक पदार्थों की बिक्री, अश्लील सामग्री के आदान-प्रदान और अन्य अवैध गतिविधियों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों की निगरानी से बचने के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी और मानव निगरानी के माध्यम से इस समूह से जुड़े दो लोगों की पहचान की गई और इससे इस समूह के "मास्टरमाइंड" का पता चला, जो हरियाणा के बल्लभगढ़ (फरीदाबाद) से काम कर रहा था।
एनसीबी के अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी दिल्ली जोनल कार्यालय ने इन तीन व्यक्तियों के परिसरों पर कई छापे मारे और इस दौरान 13,863 एलएसडी ब्लॉट, 428 ग्राम एमडीएमए (एक्स्टसी) जब्त की गई और 26.73 लाख रुपये नकदी जब्त की गई।
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