नवीन पटनायक ने चक्रवात से जनहानि नहीं होने देने का लक्ष्य निर्धारित किया
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भुवनेश्वर/कोलकाता, 16 मई बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के कारण उठने वाले तूफान ‘अम-पुन’ के 18 मई को ओडिशा पहुंचने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को तूफान से राज्य में एक भी व्यक्ति की मौत नहीं होने देने को सुनिश्चित करने का लक्ष्य निर्धारित किया।

गौरतलब है कि राज्य प्रशासन एक ओर जहां कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने में जुटा है, वहीं दूसरी ओर यह तूफान उनकी मुश्किलें बढ़ाने आ गया है।

चक्रवाती तूफान की गति और क्षमता को देखते हुए राज्य सरकार ने आज दिन में केन्द्र सरकार से अनुरोध किया कि वह ‘अम-पुन’ के रास्ते से होकर गुजरने वाली सभी श्रमिक स्पेशल ट्रेनों को अस्थाई रूप से स्थगित कर दे।

चूंकि तूफान के कारण दक्षिण और बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान सागर में समुद्र की स्थिति खराब से बेहद खराब रहने वाली है, ऐसे में सरकार ने मछुआरों को चेतावनी दी है कि वह 18 मई से लेकर समुद्र में या ओडिशा के समुद्री तटों पर ना जाएं।

पश्चिम बंगाल के मछुआरों को भी चेतावनी दी गई है कि वे 18 से 21 मई के बीच बंगाल की खाड़ी या पश्चिम बंगाल-ओडिशा के तटवर्ती क्षेत्रों में ना जाएं। जो मछुआरे पहले से समुद्र में हैं, उन सभी को 17 मई तक लौटने को कहा गया है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, पिछले छह घंटे से बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी भाग और आसपास के क्षेत्रों के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब तूफान ‘अम-पुन’ का रूप ले चुका है।

पटनायक ने चक्रवात को लेकर राज्य की तैयारियों का जायजा लिया। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान 17 से 20 मई तक राज्य में रहेगा।

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