नयी दिल्ली, 16 नवंबर राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवर पर मंगलवार को मीडिया से पत्रकारिता के प्रमुख सिद्धांतों को कायम रखने और सनसनी पैदा करने से बचने के साथ ही भारत के जीवंत लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने और फर्जी खबरों के खतरे को रोकने का आह्वान किया गया।
उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने इस अवसर पर मीडियाकर्मियों को बधाई दी और उनसे झूठी व सनसनीखेज खबरों पर लगाम लगाने का आह्वान करते हुए कहा कि निष्पक्ष तथा प्रामाणिक सूचना स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी है।
नायडू ने सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, ‘‘राष्ट्रीय प्रेस दिवस के अवसर पर मीडिया से जुड़े सभी मित्रों को हार्दिक बधाई। जनता को सही, निष्पक्ष, प्रामाणिक और सामयिक सूचना से शिक्षित करने में आपकी महत्वपूर्ण भूमिका है, यह स्वस्थ लोकतंत्र के लिए जरूरी भी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मीडिया झूठी और सनसनीखेज खबरों के बढ़ते प्रचलन को रोके। सोशल मीडिया का प्रयोग समाज में एकता, सौहार्द और सजगता बढ़ाने में होना चाहिए।’’
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि मीडिया एक निगरानी संस्था है और इसकी भारत के जीवंत लोकतंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने अपने वीडियो संदेश में मीडिया से फर्जी खबरों की समस्या से निजात पाने का आह्वान किया।
ठाकुर ने कहा, “राष्ट्रीय प्रेस दिवस भारत के नागरिकों के महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाने में मीडिया और प्रेस की भूमिका को प्रतिबिंबित करने का दिन है। मीडिया एक निगरानी संस्था है और भारत के जीवंत लोकतंत्र में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।”
मंत्री ने कहा, “ इस दिन, मैं मीडिया के अपने मित्रों से आह्वान करता हूं कि वे फर्जी खबरें और फर्जी विमर्श के खतरे पर काबू पाने के लिए सभी प्रयास करें। सरकार ने अपनी तरफ से कुछ उपाय किए हैं, जैसे पत्र सूचना ब्यूरो में फैक्ट चैक (तथ्यों की जांच) इकाई स्थापित करना, जिसे लोकप्रियता मिली है।”
भारतीय पेस परिषद (पीसीआई) ने इस अवसर पर 'मीडिया से कौन नहीं डरता?' विषय पर एक सेमिनार का आयोजन किया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए तमिल की पत्रिका ‘तुगलक’ के संपादक स्वामीनाथन गुरुमूर्ति ने मीडिया में स्वतंत्रता के पहले से लेकर आज तक आए बदलावों की चर्चा की।
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