देश की खबरें | राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पूर्वोत्तर राज्यों के लिए शिविर लगाएगा

गुवाहाटी, 15 नवंबर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) पूर्वोत्तर राज्यों में कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामलों की सुनवाई के लिए शुक्रवार को गुवाहाटी में एक शिविर आयोजित करेगा। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है।

आयोग द्वारा मानवाधिकारों के विभिन्न पहलुओं पर स्थानीय प्रशासनों को संवेदनशील बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर का सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा।

आयोग बृहस्पतिवार से शुरू होने वाली अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान नागरिक समाज और गैर सरकारी संगठनों के सदस्यों के साथ-साथ मीडियाकर्मियों से भी मुलाकात करेगा।

एनएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा, सदस्य ज्ञानेश्वर एम मुले और राजीव जैन, महासचिव भरत लाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सम्मेलन और शिविर में मौजूद रहेंगे।

‘स्थानीय प्रशासन के माध्यम से मानवाधिकारों को आगे बढ़ाना’ के विषय पर सम्मेलन 16 नवंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें असम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड और सिक्किम के राज्य मानवाधिकार आयोगों के अध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

विज्ञप्ति में कहा गया कि सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य मानवाधिकारों और इससे संबंधित पहलुओं को आगे बढ़ाने में स्थानीय प्रशासन की भूमिका के बारे में जागरुकता पैदा करना है।

दौरा करने वाली समिति शुक्रवार को शिविर के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन के 40 से अधिक लंबित मामलों की सुनवाई करेगी।

राज्य के अधिकारियों और संबंधित शिकायतकर्ताओं को भी मामलों की सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

शिविर का उद्देश्य राज्य के अधिकारियों को मानवाधिकारों के बारे में संवेदनशील बनाना और गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों तथा मानवाधिकार संरक्षकों के साथ बातचीत करना है।

आयोग अपनी सलाह और सिफारिशों पर उठाये गये कदम की समीक्षा के लिए आठ पूर्वोत्तर राज्यों के मुख्य सचिवों, पुलिस महानिदेशकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक भी करेगा।

वे गैर सरकारी संगठनों और मानवाधिकार संरक्षकों (एचआरडी) के प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।

बयान में कहा गया है कि आयोग राज्यों के मानवाधिकार मुद्दों और एनएचआरसी द्वारा की गई कार्रवाइयों पर जानकारी के व्यापक प्रसार के लिए शिविर के नतीजों के बारे में मीडिया से भी जानकारी साझा करेगा।

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