श्रीनगर, 19 जून नेशनल कांफ्रेंस ने आक्रामकता के बजाय अमन-चैन कायम रखने को लेकर भाजपा के रुख में आए बदलाव का शुक्रवार को स्वागत किया। हालांकि पार्टी ने कहा कि केवल 'शांति, प्रेम और चैन' का माहौल कायम करने वाले बयान देने का तब तक कोई मतलब नहीं जब तक भारत सरकार जम्मू-कश्मीर के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं का सम्मान नहीं करती। पार्टी ने राज्य के विशेष दर्जे को फिर बहाल करने की मांग की।
पार्टी के अध्यक्ष तथा सांसद फारूक अब्दुल्ला, लोकसभा में उनके साथियों मोहम्मद अकबर लोन, हसनैन मसूदी और पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने एक संयुक्त बयान में कहा कि केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह और नितिन गडकरी के हालिया बयानों से भाजपा के रुख में आया यह बदलाव झलकता है।
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बयान में कहा गया है कि पार्टी नेता गडकरी के उस बयान का स्वागत करते हैं कि ''भारत न तो पाकिस्तान और न ही चीन की जमीन कब्जा करने में दिलचस्पी रखता है।'' भारत केवल अमन और चैन चाहता है।
नेशनल कांफ्रेंस ने शत्रुता और आक्रामकता के बजाय शांति कायम रखने के रुख का भी स्वागत किया, जिसकी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वकालत की है।
हालांकि पार्टी ने कहा कि केवल 'शांति, प्रेम और चैन' का माहौल कायम वाले बयान देने का तब तक कोई मतलब नहीं जबतक भारत सरकार जम्मू-कश्मीर के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं का सम्मान नहीं करती।
पार्टी ने केन्द्र सरकार से जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा वापस देने की भी मांग की है।
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