देहरादून/नैनीताल, 20 अक्टूबर भारी बारिश के कारण बेहाल नैनीताल में बुधवार को हालात सामान्य होते दिखे। भारी बारिश के कारण सड़के अवरुद्ध होने से जहां नैनीताल का उत्तराखंड के अन्य हिस्सों से संपर्क कट गया था, वहीं पर्यटक भी होटलों में कैद रहने को मजबूर हो गए थे।
रविवार रात से शुरू हुई बारिश से सबसे अधिक कुमाऊं क्षेत्र प्रभावित हुआ, जिसके अतंर्गत नैनीताल भी आता है। उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद नदियां उफना गई और घरों व पुलों के बह जाने की घटनाओं में कम से कम 46 लोगों की मौत हो चुकी है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में हालात का जायजा लेने के लिए बुधवार शाम को राजधानी देहरादून का दौरा कर सकते हैं।
उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को कुमाऊं के बारिश प्रभावित इलाकों का दौरा किया। धामी रुद्रप्रयाग, नैनीताल और उधम सिंह नगर जिले में प्रभावित इलाकों का पहले ही दौरा कर चुके हैं। बुधवार को उन्होंने खटीमा, चंपावत और अल्मोड़ा में भी स्थिति का जायजा लिया।
धामी ने कहा कि राज्य में बारिश के कारण हुई घटनाओं के चलते कम से कम 46 लोगों की मौत हुई है जबकि 11 अन्य लापता हैं।
गोला नदी में उफान के चलते नैनीताल में काठगोदाम रेलवे की पटरियों को नुकसान पहुंचा है। जिले में अब तक कम से कम 29 लोगों की मौत हो चुकी है।
पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने पीटीआई- को बताया कि काठगोदाम में क्षतिग्रस्त पटरियों की मरम्मत में चार या पांच दिन लग सकते हैं।
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