स्थानीय स्तर की जल समस्याओं को उजागर करने के लिए भाजपा द्वारा यहां आयोजित एक रैली 'जल आक्रोश मोर्चा' में उन्होंने राज्य के मंत्रियों पर कमीशन लेने और जबरन वसूली में शामिल रहने का भी आरोप लगाया।
फडणवीस ने कहा, ''मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दो साल तक मंत्रालय (राज्य सचिवालय) में कदम नहीं रखा, तो वह आम लोगों और किसानों के दर्द और पीड़ा को कैसे जान सकते हैं। एमवीए सरकार 'राम भरोसे' काम कर रही है। यह सभी मोर्चों पर विफल रही है।''
पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि एमवीए मंत्री 'टक्केवाड़ी, वसूली और मालपानी' (कमीशन और जबरन वसूली) में व्यस्त हैं। सरकार ने राज्य में पिछली भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गयी विकास योजनाओं और परियोजनाओं को रोक दिया है।''
उन्होंने कहा कि एमवीए सरकार ने मराठवाड़ा क्षेत्र, विशेषकर जालना जिले के विकास पर एक पैसा भी खर्च नहीं किया।
फडणवीस ने कहा, ''पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने मराठवाड़ा जल ग्रिड परियोजना की शुरुआत की थी, जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्याओं का समाधान हो सकता है, लेकिन एमवीए सरकार ने परियोजना के लिए एक पैसा भी जारी नहीं किया। अगर यह योजना लागू की जाती, तो क्षेत्र की पानी की समस्या दूर हो जाती।''
उन्होंने यह भी दावा किया कि ठाकरे के नेतृत्व वाली सरकार ने मराठवाड़ा वैधानिक विकास बोर्ड के 2020 में भंग होने के बाद इसे विस्तार नहीं दिया, जिसके कारण राज्यपाल के पास वर्तमान में इस क्षेत्र के लिए धन स्वीकृत करने की कोई शक्ति नहीं है।
फडणवीस ने कहा, ''अगर सरकार नींद से नहीं जागी और पानी की समस्या का समाधान नहीं किया तो लोग उसे सत्ता से हटा देंगे।''
उन्होंने राज्य सरकार पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के तहत राज्य में पानी की उपलब्धता के लिए आवंटित धन खर्च नहीं करने का भी आरोप लगाया।
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