छत्रपति संभाजीनगर, 17 अक्टूबर शिवसेना प्रवक्ता संजय शिरसाट ने विपक्षी गठबंधन महा विकास आघाडी (एमवीए) की एकता पर बृहस्पतिवार को शक जताया और कहा कि उन्हें यकीन नहीं है कि चुनाव के बाद यह एकजुट रहेगा।
शिरसाट ने कहा कि एमवीए के साझेदार - कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और राकांपा (एसपी) - अब तक मुख्यमंत्री पद के अपने उम्मीदवार को लेकर किसी सहमति तक नहीं पहुंच पाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इनमें से प्रत्येक पार्टी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मुख्यमंत्री पद के अपने चेहरे की घोषणा कर रही है।
एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना के नेता ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए दावा किया, “एमवीए खेमे में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवारों को लेकर काफी चर्चा चल रही है। शिवसेना (यूबीटी) के कुछ नेताओं ने दिल्ली में (कांग्रेस नेताओं) सोनिया गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात की है। कांग्रेस ने भी इस पद पर दावा पेश किया है।”
उन्होंने दावा किया कि राकांपा (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने अब अप्रत्यक्ष रूप से जयंत पाटिल के नाम की घोषणा कर दी है।
अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद महाराष्ट्र राकांपा (एसपी) अध्यक्ष जयंत पाटिल को बड़ी भूमिका दिए जाने का संकेत देते हुए पवार ने बुधवार को कहा कि सभी की इच्छा है कि पाटिल “राज्य के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी” लें।
औरंगाबाद (पश्चिम) विधानसभा सीट से विधायक शिरसाट ने दावा किया, “इसका मतलब है कि एमवीए राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए एक उम्मीदवार के साथ विधानसभा चुनाव नहीं लड़ सकता। हमें संदेह है कि चुनाव के बाद भी यह बरकरार रहेगा। मेरी जानकारी के अनुसार, एमवीए दलों के बीच करीब 50 सीट पर दोस्ताना मुकाबला होगा।”
शिवसेना (यूबीटी) विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने पर जोर दे रही है, लेकिन इस संबंध में सहयोगी दलों कांग्रेस और राकांपा (एसपी) से समर्थन हासिल करने में विफल रही है।
शिरसाट ने कहा कि महायुति के सहयोगी दो-तीन दिन में सीट बंटवारे का फार्मूला तय कर लेंगे। उन्होंने कहा, “इसके बाद हम महायुति उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकते हैं।”
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले की इस टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर कि शिंदे शिवसेना को अधिक सीटों का “बलिदान” करना चाहिए और सीट बंटवारे में उन्हें बड़ा हिस्सा देना चाहिए, शिरसाट ने इसे ज्यादा तवज्जो नहीं दिया।
उन्होंने कहा, “बलिदान को मापने का कोई तरीका नहीं है। हमने और महायुति के दो अन्य सहयोगियों ने बलिदान दिया है। सीट को लेकर हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है। हम मिलकर काम करेंगे।”
राज्य की 288 विधानसभा सीट के लिए 20 नवंबर को मतदान होगा और मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी
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