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वायदा में मंदडि़यों की चाल से दिल्ली/नजफगढ़ मंडी में सरसों हाजिर और टूटी

बाजार सूत्रों ने कहा कि हालांकि सहकारी संस्था नाफेड ने सरसों की बिकवाली रोक दी है मगर वायदा कारोबार में सटोरियों ने सरसों जून डिलिवरी (मय बारदाना व मंडीखर्च तथा 42 प्रतिशत तेल की शर्त के साथ) का भाव तोड़ कर 4090 रुपये पर ला दिया है जबकि सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)4425 रुपये क्विंटल तय कर रखा है। सूत्रों ने वायदा बाजार की इस स्थिति को किसानों के साथ धोखा बताया।

वायदा में मंदडि़यों की चाल से दिल्ली/नजफगढ़ मंडी में सरसों हाजिर और टूटी
जमात

नयी दिल्ली, 16 अप्रैल वायदा कारोबार में भाव टूटने के कारण स्थानीय तेल तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों दाना के भाव में 40 रुपये की गिरावट दर्ज हुई। इसके अलावा सरसों दादरी, सरसों पक्की घानी और कच्ची घानी के भाव में भी गिरावट दर्ज हुई।

बाजार सूत्रों ने कहा कि हालांकि सहकारी संस्था नाफेड ने सरसों की बिकवाली रोक दी है मगर वायदा कारोबार में सटोरियों ने सरसों जून डिलिवरी (मय बारदाना व मंडीखर्च तथा 42 प्रतिशत तेल की शर्त के साथ) का भाव तोड़ कर 4090 रुपये पर ला दिया है जबकि सरकार ने सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी)4425 रुपये क्विंटल तय कर रखा है। सूत्रों ने वायदा बाजार की इस स्थिति को किसानों के साथ धोखा बताया।

बाजार सूत्रों ने कहा कि तमाम मुसीबतों को झेलने के बाद और कोविड-19 महामारी जैसे जोखिम से जूझते हुए किसान अपनी नयी सरसों मंडियों में लाना शुरु किया है। सट्टेबाजों की एक ही कोशिश है कि किसान अपना माल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से भी सस्ती दर पर बेचने को मजबूर हों चाहे उनकी लागत निकले या न निकले। उन्हों सवाल कियाकि बाजार सूत्रों का कहना है कि जब वायदा कारोबार में सरसों सस्ते में उपलब्ध है तो फिर किसी को किसानों को एमएसपी देने की क्या आवश्यकता है?

तेल सरसों दादरी का भाव बुधवार के मुकाबले 100 रुपये की हानि के साथ 8,850 रुपये क्विन्टल पर बंद हुआ जबकि चक्की और कच्ची घानी सरसों तेल के भाव पांच पांच रुपये की गिरावट के साथ क्रमश: 1,400-1,545 रुपये और 1,470-1,590 रुपये प्रति टिन पर बंद हुए।

वायदा कारोबार में भाव नीचे बोले जाने के कारण सोयाबीन के भाव में भी मामूली घट बढ़ हुई। जबकि स्थानीय मांग के कारण बिनौला मिल डिलीवरी हरियाणा की कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

होटलों /ढ़ाबों के बंद होने से मांग नदारद रहने से कच्चे पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुस्ती रही।

बृहस्पतिवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,300 - 4,325 रुपये।

मूंगफली - 4,825 - 4,850 रुपये।

वनस्पति घी- 965 - 1,170 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,000 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,960 - 2,010 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 8,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,400 - 1,545 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,470 - 1,590 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 10,500 - 15,000 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,210 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,910 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 8,000 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 6,640 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,220 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 8,200 रुपये।

पामोलीन कांडला- 7,480 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 4,100- 4,150 लूज में 3,900--3,950 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,430 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 16, 2020 08:59 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).