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सरसों में सुधार, वायदा भाव टूटने से बाकी देशी तेल तिलहन कीमतों में गिरावट

बाजार सूत्रों ने कहा कि लॉकडाऊन में ढील दिये जाने के बाद होटल, रेस्तरां आदि की कारोबारी गतिविधियों और मांग के बढ़ने से सीपीओ और पामेलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पाम और पामोलीन तेलों की मांग बढ़ी है और बाकी देशी तेलों के मुकाबले इनके भाव सस्ते हैं तथा बंदरगाहों पर इसके स्टॉक खत्म हैं जिससे इन तेलों में सुधार है।

सरसों में सुधार, वायदा भाव टूटने से बाकी देशी तेल तिलहन कीमतों में गिरावट
जियो

नयी दिल्ली, 23 मई देश के विभिन्न सरसों उत्पादक राज्यों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की सरकारी खरीद शुरु होने से दिल्ली तेल तिलहन बाजार में सरसों कीमतों में सुधार दर्ज किया गया। दूसरी ओर वायदा कारोबार में भाव तोड़े जाने तथा मांग कमजोर होने से सोयाबीन डीगम, मूंगफली दाना (तिलहन), मूंगफली गुजरात और मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल कीमतों में गिरावट दर्ज हुई। वायदा कारोबार में कम बोली लगाये जाने से बाकी तेल तिलहन के भाव मामूली हानि दर्शाते बंद हुये।

बाजार सूत्रों ने कहा कि लॉकडाऊन में ढील दिये जाने के बाद होटल, रेस्तरां आदि की कारोबारी गतिविधियों और मांग के बढ़ने से सीपीओ और पामेलीन तेल कीमतों में सुधार देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पाम और पामोलीन तेलों की मांग बढ़ी है और बाकी देशी तेलों के मुकाबले इनके भाव सस्ते हैं तथा बंदरगाहों पर इसके स्टॉक खत्म हैं जिससे इन तेलों में सुधार है।

वायदा कारोबार में तो अभी भी सरसों और सोयाबीन लूज के जुलाई अनुबंध के भाव (सारे खर्च समेत) एमएसपी से कम बोले जा रहे हैं। इंदौर वायदा कारोबार में सोयाबीन के जुलाई अनुबंध का भाव 3,750 रुपये क्विन्टल हैं। इसी तरह जयपुर के एनसीडीईएक्स में सरसों के जुलाई अनुबंध का भाव 4,315 रुपये क्विन्टल (सारे खर्च समेत) बोला गया। इस भाव में मंडी शुल्क, वायदाना, कंडीशन, ढुलाई एवं अन्य खर्चे शामिल हैं और इस प्रकार किसानों को प्रति क्विन्टल सोयाबीन के 3,500 रुपये और सरसों के 3,800 रुपये क्विन्टल ही मिलेंगे। बिजाई मौसम करीब है ऐसे में भाव नीचे होने से नई बिजाई प्रभावित हो सकती है।

सूत्रों ने कहा कि आयात शुल्क मूल्य कम होने के कारण देश में सोयाबीन तेल का आयात बढ़ सकता है, ऐसे में स्थानीय सोयाबीन किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार को सोयाबीन, सूरजमुखी और रेपसीड पर आयात शुल्क 35 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत कर देना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि अगर सरकार एमएसपी पर देशी तिलहन किसानों की फसल को खरीदना शुरु कर दे तो अगले पांच सालों में तिलहन उत्पादन के मामले में देश आत्मनिर्भर हो जायेगा लेकिन इसमें वायदा कारोबार के सटोरियों पर अंकुश लगाना बेहद आवश्यक है।

शनिवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,475 - 4,525 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली - 4,890 - 4,940 रुपये।

वनस्पति घी- 945 - 1,050 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,500 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 1,990 - 2,040 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,150 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,490 - 1,635 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,560 - 1,680 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 10,000 - 13,100 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 8,500 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,450 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 7,350 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 6,450 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,400 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 7,850 रुपये।

पामोलीन कांडला- 7,150 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,825- 3,875 लूज में 3,625--3,675 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

राजेश

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(The above story first appeared on LatestLY on May 23, 2020 05:41 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).