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वायदा में सरसों भाव समर्थन मूल्य से नीचे, देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में बाधक: व्यापारी

बहरहाल, लॉकडाऊन में ढील दिये जाने से कारोबार तथा मांग बढ़ने के साथ मंडियों में आवक कम होने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, बिनौला मिल डिलीवरी (हरियाणा) तेल की कीमतों में सुधार रहा। भाव ऊंचा बोले जाने से कच्चा पाम तेल और पामोलीन की कीमतों में भी सुधार दर्ज हुआ जबकि दूसरी ओर, स्थानीय मांग कमजोर रहने की वजह से मूंगफली तेल के भाव नरमी में बंद हुए।

वायदा में सरसों भाव समर्थन मूल्य से नीचे, देश को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने में बाधक: व्यापारी
जमात

नयी दिल्ली, 13 मई ऐसे समय जब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प व्यक्त कर रहे हैं। देश के वायदा बाजार में तिलहनों के वायदा भाव उनके घोषित समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहे हैं। विदेशों से सस्ते तेलों के आयात का दबाव होने से घरेलू तिलहन उत्पादक किसानों को सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन नहीं मिल पाता है। बाजार सूत्रों का कहना है कि सरकार को तिलहन का वायदा कारोबार या तो बंद कर देना चाहिये या फिर उसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे भाव बोलने पर रोक लगनी चाहिये।

बहरहाल, लॉकडाऊन में ढील दिये जाने से कारोबार तथा मांग बढ़ने के साथ मंडियों में आवक कम होने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, बिनौला मिल डिलीवरी (हरियाणा) तेल की कीमतों में सुधार रहा। भाव ऊंचा बोले जाने से कच्चा पाम तेल और पामोलीन की कीमतों में भी सुधार दर्ज हुआ जबकि दूसरी ओर, स्थानीय मांग कमजोर रहने की वजह से मूंगफली तेल के भाव नरमी में बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने बताया कि मलेशिया एक्सचेंज में 1.5 प्रतिशत की तेजी रही जबकि शिकागो एक्सचेंज में कारोबार का रुख सामान्य रहा। उन्होंने कहा कि वायदा कारोबार में भाव तोड़े जाने से सरसों किसानों को खुले बाजार में सस्ते में सरसों बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है। एनसीडीईएक्स के वायदा कारोबार में सरसों के मई अनुबंध का भाव 4,250 रुपये प्रति क्विन्टल है जबकि इसका न्यूनतम समिार्न मूल्य 4425 रुपये क्विंटल है। इसी प्रकार इंदौर के वायदा कारोबार में सोयाबीन तेल के जून डिलीवरी अनुबंध का भाव 3,800 रुपये क्विन्टल और जुलाई अनुबंध का भाव 3,752 रुपये क्विन्टल बोला जा रहा है। ये भाव मंडी शुल्क, वारदाना एवं अन्य खर्चो को मिलाकर है यानी सारे खर्चो के बाद किसान के हाथ में केवल 3,550 रुपये क्विन्टल का ही भाव मिलेगा जबकि सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3,700 रुपये क्विन्टल है।

बुधवार को बंद भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन - 4,385 - 4,435 रुपये।

मूंगफली - 4,955 - 5,005 रुपये।

वनस्पति घी- 955 - 1,060 रुपये प्रति टिन।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,800 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,035 - 2,085 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 8,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,425 - 1,570 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,495 - 1,615 रुपये प्रति टिन।

तिल मिल डिलिवरी तेल- 10,000 - 13,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 8,600 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 8,550 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम- 7,400 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 6,300 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 7,700 रुपये।

पामोलीन आरबीडी दिल्ली- 7,650 रुपये।

पामोलीन कांडला- 6,900 रुपये (बिना जीएसटी के)।

सोयाबीन तिलहन डिलिवरी भाव 3,940- 3,990 लूज में 3,740--3,790 रुपये।

मक्का खल (सरिस्का) - 3,500 रुपये

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(The above story first appeared on LatestLY on May 13, 2020 07:09 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).