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जरुरी जानकारी | आपूर्ति बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन में गिरावट

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. मंडियों में सरसों की आपूर्ति बढ़ने के कारण दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

जरुरी जानकारी | आपूर्ति बढ़ने से सरसों तेल-तिलहन में गिरावट

नयी दिल्ली, 22 फरवरी मंडियों में सरसों की आपूर्ति बढ़ने के कारण दिल्ली के तेल-तिलहन बाजार में बृहस्पतिवार को सरसों तेल-तिलहन कीमतों में गिरावट दर्ज हुई।

बाजार के जानकार सूत्रों ने कहा कि विदेशी बाजार- शिकॉगो और मलेशिया एक्सचेंज में गिरावट का रुख था। शिकॉगो एक्सचेंज में कल रात भी गिरावट थी।

उन्होंने कहा कि मंडियों में आज सरसों की आवक बुधवार के छह लाख बोरी से बढ़कर लगभग सात लाख बोरी हो गयी जिससे सरसों तेल-तिलहन कीमतों पर दबाव कायम हो गया।

सूत्रों ने कहा कि तेल संगठन साल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन (एसईए) ने भी माना है कि किसान सरसों की न्यनूतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम दाम पर बिक्री करने को मजबूर हो रहे हैं और उसने इसे रोकने के उपाय करने की मांग की है। लेकिन यहां समस्या तेल मिल की भी है जिसे कोई उठा नहीं रहा है। सरकार अगर एमएसपी पर सरसों खरीद भी ले तो तेल मिलें क्या करेंगी क्योंकि देशी तेल-तिलहन का बाजार नहीं बन पाया है। तेल मिलें किसानों से 12-14 प्रतिशत नीचे दाम पर सरसों खरीद कर भी पेराई के बाद अपने तेल खपा नहीं पा रही है तो सरकार एमएसपी पर खरीद कर उस तेल को कहां खपायेगी? कई वर्षो से देशी तेल-तिलहन का बाजार बनाने और अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) व्यवस्था को दुरुस्त करने की ओर ध्यान नहीं दिया गया है जो देशी तेल-तिलहन का उत्पादन बढ़ाने के लक्ष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि डी-आयल्ड केक (डीओसी) की मांग कमजोर होने से सोयाबीन तिलहन कीमतों में गिरावट रही जबकि कम आपूर्ति के कारण सोयाबीन तेल कीमतें मजबूती के साथ बंद हुई। कम आपूर्ति के कारण सोयाबीन डीगम तेल लागत से 5-7 प्रतिशत प्रीमियम दाम पर महंगे में बिक रहा है। सॉफ्ट आयल की आपूर्ति के जल्द सुधरने की कमजोर उम्मीदों के बीच सोयाबीन तेल के अनुरूप ही बिनौला तेल कीमतें भी मजबूत बंद हुईं।

सूत्रों ने कहा कि ऊंचे भाव के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के भाव पूर्वस्तर पर बने रहे।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,250-5300 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,300-6,375 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,850 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,215-2,490 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 9,825 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,675-1,775 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,675 -1,780 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 9,880 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 9,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,325 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 8,450 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,400 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,525 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,625-4,655 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,435-4,475 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 22, 2024 09:44 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).