नयी दिल्ली, आठ जुलाई वित्तीय रूप से वंचित तबके के उभरते हुए फुटबॉल खिलाड़ियों पर कुपोषण के संभावित असर को देखते हुए भारतीय डिफेंडर प्रीतम कोटल ने कुछ अन्य मौजूदा खिलाड़ियों के साथ मिलकर अकादमी शुरू की है जिससे कि जरूरतमंद खिलाड़ियों का सपना साकार करने में मदद की जा सके।
भारत के लिए अब तक 36 मैच खेलने वाले कोटल ने अपने जीवन में संघर्ष को काफी करीब से देखा है और वह नहीं चाहते कि अन्य को भी उस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा जैसे उन्हें करना पड़ा।
यह भी पढ़े | बिहार के मुख्यमंत्री के आवास पर ‘‘वेंटिलेटर युक्त अस्पताल’’ संबंधी आदेश वापस लिया गया.
कोटल ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) से कहा, ‘‘मैंने देखा है कि खिलाड़ियों को ट्रेनिंग से पहले और बाद में उचित खाना नहीं मिल पाता। ट्रेनिंग के बाद भी वे सामान्य खाना ही खाते हैं जो उभरते हुए खिलाड़ियों के लिए पर्याप्त नहीं है। यह हमारा नुकसान होगा, भारतीय फुटबॉल का नुकसान।’’
उन्होंने कहा, ‘‘उचित खाने के साथ ट्रेनिंग अभी की जरूरत है। एक दिन जब वे पर्याप्त परिपक्व हो जाएंगे तो वे अपने जूनियरों का साथ देंगे। यह एक चक्र है जिससे कि प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे।’’
मुश्किलों का सामना करते हुए कोटल अब भारतीय टीम का नियमित हिस्सा हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘अपने बचपन के दिनों में मैंने मुश्किलों का सामना किया। मैं नहीं चाहता किसी और को इस तरह की स्थिति का सामना करना पड़े। यही कारण है कि मैं उनकी मदद करने की कोशिश कर रहा हूं जिनको इसकी जरूरत है।’’
कोटल ने कहा, ‘‘हम भाग्यशाली थे कि हमें अपने सीनियर खिलाड़ियों का समर्थन मिला। अगर हम जरूरतमंदों को यह वापस नहीं देंगे तो ईमानदारी से कहूं तो हम वहां होने के हकदार नहीं हैं जहां आज हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY