देश की खबरें | एमएसके ने मुझसे कहा था, तेंदुलकर को भी लगा था कि वह आउट थे: हार्पर
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, 21 जुलाई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के एलीट पैनल के पूर्व अंपायर डेरिल हार्पर ने 1999 के एडिलेड टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर के खिलाफ दिये अपने विवादास्पद फैसले का बचाव करते हुए कहा वह एक सही निर्णय था।

ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा की बाउंसर को छोड़ते समय गेंद तेंदुलकर के कंघे से टकराई थी जिस पर मैदानी अंपायर हार्पर ने पगबाधा आउट दे दिया था।

यह भी पढ़े | बिहार में बाढ़ के हालात को देखते हुए एनडीआरएफ की 19 टीमें तैनात: 21 जुलाई 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

विवादास्पद फैसले को याद करते हुए, हार्पर ने कहा कि वह 20 साल बाद भी उस फैसले के बारे में सोचते है और मानते हैं कि वह सही निर्णय था।

हार्पर ने एशियानेट केबल से कहा, ‘‘ तेंदुलकर के खिलाफ दिये गये उस फैसले के बारे में मैं हर दिन सोचता हूं। मैं ठीक से सो नहीं पाता हूं। मेरे सपने में वह वाकया बार-बार रीप्ले की तरह आता है। जब मैं अपने गैरेज में जाता हूं तो लगता है जैसे वहां सचिन और ग्लेन मैकग्रा की एक बड़ी तस्वीर लगी है।’’

यह भी पढ़े | बिहार, असम, समेत देश के अन्य राज्यों में बाढ़ और बारिश से बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ ने 122 टीमें तैनात कीं.

भारतीय टीम इस मैच को बुरी तरह से हार गयी थी जिससे ऑस्ट्रेलिया ने श्रृंखला 3-0 से अपने नाम किया था।

हार्पर ने खुलासा किया कि पूर्व मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने उन्हें 2018 में बताया कि तेंदुलकर खुद मानते हैं कि वह आउट थे। प्रसाद इस मैच में विकेटकीपर थे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं दिसंबर 2018 में ऑस्ट्रेलिया-भारत टेस्ट मैच के दौरान एडिलेड ओवल में भारतीय चयनकर्ता एमएसके प्रसाद से मिला था। 1999 के टेस्ट के बाद यह हमारी पहली मुलाकात थी।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ एमएसके ने उत्सुकता से मुझ से कहा, ‘सचिन ने कहा था कि वह आउट थे’। ’’

उन्होंने कहा कि तेंदुलकर ने कभी उनसे इस मुद्दे पर चर्चा नहीं की, शायद इसलिए वह उन्हें खेल का सच्चा दूत मानते हैं।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)