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जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मजबूती से ज्यादातर तेल-तिलहन में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. विदेशों बाजारों में तेजी के रुख के बीच घरेलू बाजारों में बृहस्पतिवार को ज्यादातर तेल-तिलहन के दाम मजबूत बंद हुए तथा सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल में तेजी रही। ऊंचे दाम पर कम कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन तथा नगण्य कामकाज की वजह से बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए। बाजार सूत्रों ने यह जानकारी दी।

जरुरी जानकारी | विदेशी बाजारों में मजबूती से ज्यादातर तेल-तिलहन में सुधार

नयी दिल्ली, 11 जुलाई विदेशों बाजारों में तेजी के रुख के बीच घरेलू बाजारों में बृहस्पतिवार को ज्यादातर तेल-तिलहन के दाम मजबूत बंद हुए तथा सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तेल में तेजी रही। ऊंचे दाम पर कम कारोबार के बीच मूंगफली तेल-तिलहन तथा नगण्य कामकाज की वजह से बिनौला तेल के भाव पूर्वस्तर पर बंद हुए। बाजार सूत्रों ने यह जानकारी दी।

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और शिकॉगो एक्सचेंज में पर्याप्त तेजी है।

उन्होंने कहा कि आयातित सूरजमुखी तेल का थोक दाम इस कदर सस्ता है कि यह आमतौर पर ऊंची लागत वाले देशी तेल-तिलहनों विशेष रूप से मूंगफली और बिनौला को प्रभावित कर रहा है जो बाजार में किसी सूरत में खपने का नाम नहीं ले रहे। जरूरत से कहीं काफी अधिक आयात ने ‘आग में घी’ का काम किया है। सरकार ने जिस तरह घरेलू सरसों तेल-तिलहन की रक्षा के लिए आयातित रैपसीड तेल (सरसों तेल) के ऊपर 38.5 प्रतिशत का आयात शुल्क लगा रखा है, उसी तरह बिनौले और मूंगफली को बचाने के लिए सरकार को आयातित सूरजमुखी तेल पर भी आयात शुल्क लगाना चाहिये।

सूत्रों ने कहा कि आयातित सूरजमुखी तेल ने मूंगफली और बिनौला तेल का स्थानीय बाजार में खपना दूभर कर दिया है।

उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सरसों छोड़कर खाद्य तेलों की पर्याप्त आपूर्ति बनाये रखने के लिए खाद्य तेलों में अन्य खाद्य तेल के मिश्रण की छूट मिली हुई है। इस स्थिति का फायदा उठाकर कुछ तेल व्यापारियों द्वारा लगभग 20 प्रतिशत मूंगफली तेल (140-142 रुपये लीटर) में लगभग 80 प्रतिशत सस्ते आयातित सूरजमुखी तेल (81-82 रुपये लीटर) की मिलावट कर उसी खाद्य तेल को देशी मूंगफली तेल के ऊंचे भाव पर बेचने की सूचनायें मिली हैं। सरकार को इसे रोकने के लिए आयातित सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क बढ़ाना चाहिये।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 5,960-6,020 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 6,350-6,625 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 15,200 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल 2,280-2,580 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 11,600 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 1,890-1,990 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 1,890-2,015 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 10,350 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 8,725 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 8,550 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 10,100 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 9,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 8,825 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,525-4,545 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 4,335-4,455 रुपये प्रति क्विंटल।

मक्का खल (सरिस्का)- 4,085 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 11, 2024 09:36 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).