विदेश की खबरें | अधिकतर लोग अपने स्वास्थ्य के बारे में ‘जनरेटिव एआई’ से पूछ रहे सवाल, जोखिम भरा हो सकता है गलत जवाब
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

सिडनी, 21 फरवरी (द कन्वरसेशन) ज़्यादातर लोग अपने रोज़मर्रा और पेशेवर जीवन में मदद के लिए ‘जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की ओर रुख कर रहे हैं। चैटजीपीटी सबसे मशहूर और व्यापक रूप से उपलब्ध जनरेटिव एआई टूल में से एक है। यह किसी भी सवाल का मुफ़्त में सटीक और विश्वसनीय जवाब देता है।

लोगों के लिए जनरेटिव एआई टूल की मदद से स्वास्थ्य के बारे में जानने की बहुत संभावना है। लेकिन उत्तर हमेशा सही नहीं होते। स्वास्थ्य सलाह के लिए सिर्फ चैटजीपीटी पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है और अनावश्यक चिंता का कारण बन सकता है।

जनरेटिव एआई अब भी अपेक्षाकृत एक नयी प्रौद्योगिकी है, और लगातार बदल रही है। हमारा नया अध्ययन इस बारे में पहला ऑस्ट्रेलियाई डेटा प्रदान करता है कि स्वास्थ्य संबंधी सवालों के जवाब देने के लिए कौन चैटजीपीटी का उपयोग कर रहा है, और किस उद्देश्य से।

परिणाम लोगों को यह बताने में मदद कर सकते हैं कि वे अपने स्वास्थ्य के लिए इस नयी प्रौद्योगिकी का उपयोग कैसे करें, और इसे सुरक्षित रूप से उपयोग करने के लिए आवश्यक नए कौशल - दूसरे शब्दों में, ‘‘एआई स्वास्थ्य साक्षरता’’ का निर्माण करें।

स्वास्थ्य के लिए चैटजीपीटी का उपयोग कौन करता है? वे क्या पूछते हैं?

जून 2024 में हमने 2,000 से अधिक ऑस्ट्रेलियाई लोगों का राष्ट्रीय प्रतिनिधि नमूना लेते हुए पूछा कि क्या उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी प्रश्नों के उत्तर देने के लिए चैटजीपीटी का उपयोग किया है।

साल 2024 की पहली छमाही में दस में से एक (9.9 प्रतिशत) ने चैटजीपीटी से स्वास्थ्य संबंधी प्रश्न पूछा था।

औसतन उन्होंने बताया कि वे ‘‘कुछ हद तक’’ चैटजीपीटी पर भरोसा करते हैं (5 में से 3.1)।

हमने यह भी पाया कि स्वास्थ्य के लिए चैटजीपीटी का उपयोग करने वाले लोगों का अनुपात उन लोगों में अधिक था जिनकी स्वास्थ्य साक्षरता कम थी, जो गैर-अंग्रेजी भाषी देश में पैदा हुए थे, या घर पर दूसरी बोलते थे।

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