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जरुरी जानकारी | त्योहारी मांग से अधिकांश खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. आगामी होली के लिए त्योहारी मांग के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को अधिकांश तेल-तिलहनों (सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल या सीपीओ और पामोलीन तेल) के दाम में सुधार आया। बिनौला सीड के दाम की उठापटक के कारण बाजार धारणा प्रभावित होने के बीच मूंगफली एवं सोयाबीन तिलहन तथा बिनौला तेल के दाम अपरिवर्तित बंद हुए।

जरुरी जानकारी | त्योहारी मांग से अधिकांश खाद्य तेल-तिलहन कीमतों में सुधार

नयी दिल्ली, 11 फरवरी आगामी होली के लिए त्योहारी मांग के कारण देश के तेल-तिलहन बाजार में मंगलवार को अधिकांश तेल-तिलहनों (सरसों तेल-तिलहन, मूंगफली एवं सोयाबीन तेल, कच्चा पामतेल या सीपीओ और पामोलीन तेल) के दाम में सुधार आया। बिनौला सीड के दाम की उठापटक के कारण बाजार धारणा प्रभावित होने के बीच मूंगफली एवं सोयाबीन तिलहन तथा बिनौला तेल के दाम अपरिवर्तित बंद हुए।

मलेशिया एक्सचेंज आज बंद है। जबकि शिकॉगो एक्सचेंज में सुधार जारी है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि आगामी होली त्योहार के लिए खाद्य तेलों की मांग बढ़ रही है। हर महीने सभी खाद्य तेलों को मिलाकर देश में लगभग 14-15 लाख टन खाद्य तेलों का आयात होता है। पामोलीन और सूरजमुखी तेल के दाम आसमान छू रहे हैं और इस वजह से इन तेलों का आयात कम हो रहा है। अब जबकि त्योहारी मांग बढ़ रही है तो उक्त खाद्य तेलों की कमी को क्या अंकेले सोयाबीन तेल से पूरा किया जा सकेगा? इसके लिए कोई इंतजाम करने के बारे में सोचना होगा। यह प्रश्न, आयातकों की खराब वित्तीय स्थिति के कारण और गंभीर हो चला है।

सूत्रों ने कहा कि भारतीय कपास निगम (सीसीआई) ने सोमवार को बिनौला सीड का दाम घटाया था लेकिन मंगलवार को अलग-अलग राज्यों के लिए बिनौला सीड के दाम में 50-75 रुपये क्विंटल की वृद्धि की है। सीसीआई को इस बात को ध्यान में रखना चाहिये कि इस बार कपास का उत्पादन कम है और आवक भी घट रही है। बिनौला सीड का दाम कभी घटाने और कभी बढ़ाने से केवल कारोबारी धारणा ही खराब होती है, इसलिए इसे संभालने की जरूरत है। इससे विशेषकर मूंगफली के किसान बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। मूंगफली का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 6,860 रुपये क्विंटल है लेकिन राजस्थान की मंडियों में यह 4,700-4,800 रुपये क्विंटल के भाव बिक रही है। इस भाव पर भी मूंगफली के लिवाल नहीं मिल रहे। इस दुर्गति की स्थिति में अगली बार कौन मूंगफली बोना चाहेगा और क्या यह स्थिति देश में तेल-तिलहन उत्पादन बढ़ाने के अनुकूल है?

उन्होंने कहा कि अब तक सीसीआई ने किसानों से केवल 20-22 प्रतिशत कपास नरमा की खरीद की होगी। लेकिन इतने कम खरीद के बाद भी माल रोकने के बजाय बिनौला सीड को घटे या बढ़े दाम पर बेचने से पूरी की पूरी कारोबारी धारणा प्रभावित है। इससे केवल सरकार को और किसानों को ही नुकसान हो रहा है। इस बारे में सरकार को ध्यान देते हुए उचित उपाय करने की जरूरत है।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन - 6,075-6,175 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली - 5,250-5,575 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) - 14,150 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल - 2,150-2,450 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,275-2,375 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,275-2,400 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी - 18,900-21,000 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,850 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 9,725 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 12,950 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 12,900 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,500 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,500 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना - 4,250-4,300 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 3,950-4,050 रुपये प्रति क्विंटल।

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(The above story first appeared on LatestLY on Feb 11, 2025 09:14 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).