नयी दिल्ली, 28 सितंबर केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली जल बोर्ड जैसे राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न स्थानीय निकायों, रेलवे और बैंकों के कर्मचारियों के खिलाफ पिछले साल भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें मिलीं।
इस रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित सरकारी संगठनों के मुख्य सतर्कता अधिकारियों को 2019 में विभिन्न श्रेणियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ 81,494 शिकायतें मिलीं जिनमें 16,291 शिकायतें दिल्ली के स्थानीय निकायों (दिल्ली सरकार को छोड़कर) से जुड़े लोगों के खिलाफ आईं। इसके अलावा 11,797 शिकायतें रेलवे और 8,887 शिकायतें बैंकों के अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध मिलीं।
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मुख्य सतर्कता अधिकारी विभिन्न सरकारी संगठनों में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए सीवीसी की एक इकाई के तौर पर काम करते हैं।
सीवीसी की यह रिपोर्ट हाल ही में संपन्न मानसून सत्र के दौरान संसद में पेश की गई और यह रिपोर्ट रविवार को आयोग की वेबसाइट पर अपलोड की गई।
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इस रिपोर्ट में कहा गया कि दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (डीएसआईडीसी), दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम लिमिटेड, दिल्ली परिवहन निगम, दिल्ली ट्रांस्को लिमिटेड और कई अन्य एजेंसियों से संबंधित लोगों के खिलाफ रिश्वत की शिकायते मिलीं।
इन स्थानीय निकायों के खिलाफ जो 16,291 शिकायतें आईं उनमें से 14,290 का निस्तारण कर दिया गया और 2,001 लंबित हैं।
इस रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे को भ्रष्टाचार के संदर्भ में जो 11,797 शिकायतें मिलीं उनमें 10,502 का निस्तारण कर दिया गया और 1,295 शिकायतें लंबित हैं।
इसमें कहा गया है कि आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत आने वाली विभिन्न एजेंसियों के कर्मचारियों के खिलाफ 4,223 शिकायतें मिलीं जिनमें से 2,714 का निस्तारण हो गया और 1,509 शिकायतें लंबित हैं।
हक
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