देश की खबरें | दूसरे दिन भी संक्रमण के तीन लाख से अधिक मामले, वायुसेना ने ऑक्सीजन के कंटेनर फिलिंग स्टेशन पहुंचाए
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. भारत में अनेक अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी और दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में पिछले 24 घंटे में 25 मरीजों की मौत तथा देश में महामारी से लगातार दूसरे दिन तीन लाख से अधिक नए मामलों की खबरों के बीच भारतीय वायुसेना ने ‘प्राणवायु’ के खाली कंटेनरों को देश के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों तक पहुंचाया।
नयी दिल्ली, 23 अप्रैल भारत में अनेक अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी और दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल में पिछले 24 घंटे में 25 मरीजों की मौत तथा देश में महामारी से लगातार दूसरे दिन तीन लाख से अधिक नए मामलों की खबरों के बीच भारतीय वायुसेना ने ‘प्राणवायु’ के खाली कंटेनरों को देश के विभिन्न फिलिंग स्टेशनों तक पहुंचाया।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चिकित्सीय ऑक्सीजन की मांग को पूरा करने के लिए उद्योग की पूर्ण क्षमता के इस्तेमाल का आह्वान किया और कहा कि प्राणवायु लेकर आनेवाले टैंकरों के परिवहन का समय कम करने के लिए रेलवे और वायुसेना को तैनात किया जा रहा है।
ऑक्सीजन टैंकरों और कंटेनरों के अतिरिक्त वायुसेना ने कोच्चि, मुंबई, विशाखापत्तनम तथा बेंगलुरु से डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को भी विभिन्न अस्पतालों के लिए दिल्ली पहुंचाया।
वायुसेना ने इसके साथ ही कोविड अस्पतालों के लिए आवश्यक दवाएं और उपकरण भी पहुंचाए।
भारत कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहा है और कई राज्यों में अस्पताल चिकित्सीय ऑक्सीजन तथा बिस्तरों की संख्या में कमी का सामना कर रहे हैं।
अधिकारियों ने बताया कि भारतीय वायुसेना ने अपने परिवहन विमानों- सी-17, सी-130Jजे आईएल-76, एएन-32 और एव्रो को तैनात किया है और चिनूक तथा एमआई-17 हेलीकॉप्टरों को तैनात रखा है।
वहीं, भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में तेज वृद्धि तथा ऑक्सीजन की कमी के संकट के बीच विश्व नेताओं ने भी भारत की मदद की पेशकश की।
फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुएल मैक्रों ने भारत के साथ एकजुटता व्यक्त की तथा स्थिति से निपटने में सहयोग प्रदान करने की पेशकश की ।
मैक्रों ने कहा, ‘‘ कोविड-19 संबंधी स्थिति बिगड़ने के बीच, मैं भारत के लोगों के साथ एकजुटता का संदेश देना चाहता हूं। इस संघर्ष में फ्रांस आपके साथ है। इस संकट ने किसी को नहीं छोड़ा। हम सहयोग प्रदान करने के लिये तैयार हैं।’’
वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ आठ मई को दोनों पक्षों के बीच डिजिटल शिखर सम्मेलन में महामारी से लड़ाई में संभावित सहयोग के बारे में चर्चा करेंगे।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ यूरोपीय संघ कोविड-19 महामारी के बीच भारत के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है। वायरस के खिलाफ लड़ाई सामान्य लड़ाई नहीं है। हम आठ मई को नरेन्द्र मोदी और प्रधानमंत्री एंटोनियो कोस्टा के बीच बैठक के दौरान यूरोपीय संघ-भारत के बीच सहयोग के बारे में चर्चा करेंगे।’’
इस बीच, रक्षा मंत्रालय ने जर्मनी से 23 ऑक्सीजन उत्पादन संयंत्र हवाई मार्ग से लाने का फैसला किया है।
अधिकारियों ने बताया कि इनमें से प्रत्येक संयंत्र की क्षमता 40 लीटर ऑक्सीजन प्रति मिनट और 2,400 लीटर ऑक्सीजन प्रति घंटा उत्पादन करने की है ।
उन्होंने बताया कि एक अन्य कदम के तहत, रक्षा मंत्रालय ने सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) में शॉर्ट सर्विस कमीशन सेवा के दायरे में 238 डॉक्टरों की सेवा को 31 दिसंबर तक बढ़ाने का फैसला किया हे ।
रक्षा मंत्रालय के प्रधान प्रवक्ता ए भारत भूषण बाबू ने कहा कि जर्मनी से लाए जाने वाले संयंत्रों की स्थापना कोविड-19 के मरीजों का उपचार करने वाली सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) के अस्पतालों में की जाएगी।
इससे पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने उद्योग जगत से आने वाले दिनों में ऑक्सीजन की संभावित मांग की पूर्ति के लिए अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल करने का आह्वान किया और कहा कि देश में ऑक्सीजन सिलिंडरों की उपलब्धता बढ़ाने के साथ ही इनकी आवाजाही के उपायों को भी मजबूत करना होगा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश अंबानी सहित देश के अग्रणी ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं से डिजिटल माध्यम से संवाद करते हुए मोदी ने अन्य गैसों के परिवहन में इस्तेमाल होने वाले टैंकरों का उपयोग ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए करने का आग्रह किया और कहा कि आज समय न सिर्फ चुनौतियों का सामना करने का है, बल्कि कम समय में उनका समाधान भी प्रदान करना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मोदी ने ऑक्सीजन उत्पादनकर्ताओं और सरकार के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।
मोदी ने संक्रमण के अधिक मामलों वाले 11 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता भी की।
उन्होंने सभी राज्यों से साथ मिलकर काम करने और जीवन रक्षक दवाइयों तथा ऑक्सीजन संबंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए एक-दूसरे से सहयोग करने का आग्रह किया।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में राज्यों को पूरे सहयोग का आश्वासन देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि हम ‘‘एक राष्ट्र’’ के रूप में काम करेंगे तो संसाधनों का कोई अभाव नहीं होगा।
मोदी ने कहा कि प्रत्येक राज्य को सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी ऑक्सीन टैंकर को न रोका जाए और न ही उसके आवागमन में बाधा डाली जाए।
बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि केंद्र को सेना की मदद से सभी ऑक्सीजन संयंत्रों का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेना चाहिए।
उन्होंने महामारी की दूसरी लहर के दौरान अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से ‘‘बड़ी त्रासदी’’ हो सकती है।
इस बीच, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सुनीत शर्मा ने शुक्रवार को कहा कि अस्पतालों में प्राणवायु की भारी कमी के बीच कोविड रोगियों की जान बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने भारतीय रेलवे से ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेन सेवा उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद दिल्ली ने भी ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेन सेवा मांगी है।
उन्होंने कहा कि ‘ऑक्सीजन एक्सप्रेस’ ट्रेनों के प्रत्येक टैंकर में लगभग 16 टन चिकित्सीय ऑक्सीजन होती है और ये ट्रेन 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती हैं।
वहीं, केंद्र ने एम्स, एनआईसी झज्जर, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में तत्काल डीआरडीओ-टाटा संस ऑक्सीजन उत्पादन इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया, जिसकी क्षमता प्रति मिनट 1,000 लीटर ऑक्सीजन उत्पादन की होगी।
सर गंगाराम अस्पताल में 25 मरीजों की दुखद मौत के बाद अस्पताल के अध्यक्ष डॉक्टर डी एस राणा ने कहा, “यह कहना गलत है कि मौतें ऑक्सीजन की कमी से हुई। हमने गैर मशीनी तरीकों से मरीजों को ऑक्सीजन दी जब आईसीयू में दबाव घट गया था।”
हालांकि सूत्रों के अनुसार ‘‘कम दबाव ऑक्सीजन’’ मौतों का कारण हो सकता है।
अन्य दुखद घटनाक्रम में मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित एक निजी अस्पताल में चिकित्सकीय ऑक्सीजन कथित रूप से खत्म हो जाने से गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में भर्ती कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हो गई।
इस मामले में जबलपुर कलेक्टर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक (कोतवाली क्षेत्र) दीपक मिश्रा ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना गैलेक्सी अस्पताल में बृहस्पतिवार-शुक्रवार की दरमियानी रात हुई।
उन्होंने कहा, ‘‘मृतकों के परिजनों के अनुसार इस अस्पताल में चिकित्सीय ऑक्सीजन समाप्त होने पर आईसीयू में भर्ती कोविड-19 के पांच मरीजों की मौत हो गई।’’
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में महामारी के रिकॉर्ड 3,32,730 मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 1,62,63,695 हो गए हैं।
मंत्रालय के शुक्रवार तक के आंकड़ों के मुताबिक 24 लाख से अधिक लोग अब भी उपचाराधीन हैं।
इसके मुताबिक 2,263 और लोगों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 1,86,920 हो गई है। कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर गिरकर 83.92 प्रतिशत रह गई है।
आंकड़ों के अनुसार 1,36,48,519 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जबकि संक्रमण से होने वाली मृत्यु दर और घटकर 1.15 प्रतिशत हो गई है।
हरियाणा में आज संक्रमण के कुल 11,854 नए मामले सामने आए तथा महामारी से 60 और मरीजों की मौत हो गई।
वहीं, महाराष्ट्र में संक्रमण के 66,836 और गुजरात में 13,084 नए मामले सामने आए।
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(The above story first appeared on LatestLY on Apr 23, 2021 11:32 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

