नयी दिल्ली, 17 मई दिल्ली सरकार के विशेष सचिव (सतर्कता) वाई वी वी जे राजशेखर का विवादों से पुराना नाता रहा है। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार का कहना है कि राजशेखर ‘‘जालसाजी और भ्रष्टाचार’’ के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
‘आप’ सरकार के अनुसार आईएएस अधिकारी कथित सीएनजी फिटनेस घोटाले सहित ‘‘जालसाजी और भ्रष्टाचार’’ के आरोपों का सामना कर रहे हैं।
सतर्कता अधिकारी कथित दिल्ली आबकारी घोटाले और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के नवीनीकरण में कथित भ्रष्टाचार की जांच कर रहे थे।
दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज के 13 मई को निर्देश के बाद राजशेखर को उनके कर्तव्यों से हटा दिया गया था।
अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों को खारिज करते हुए, अधिकारी ने कहा कि उन्होंने दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना को दस्तावेजी साक्ष्य के साथ 157 पृष्ठों की एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें इस तथ्य का हवाला दिया गया है कि उन्हें ‘क्लीन चिट’ दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि ‘‘देश के सर्वोच्च सतर्कता प्राधिकरण, यानी केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) द्वारा पहले ही पूछताछ और जांच की जा चुकी है।’’ उन्होंने कहा कि रिपोर्टों की और जांच की गई है और गृह मंत्रालय (एमएचए) द्वारा स्वीकार किया गया है।
भारद्वाज ने उन शिकायतों का हवाला देते हुए यह कदम उठाया था कि राजशेखर ‘‘जबरन वसूली का रैकेट चला रहे थे।’’
गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) ‘अभिनव मंच’ ने 2012 बैच के आईएएस अधिकारी के खिलाफ ‘भ्रष्टाचार, जालसाजी और उत्पीड़न’ के आरोप में कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली सरकार को कानूनी नोटिस भेजा था।
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