मोहाली की अदालत ने पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी को अग्रिम जमानत दी
मोहाली में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका गोयल की अदालत के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
चंडीगढ़, 11 मई मोहाली की एक अदालत ने सोमवार को पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सुमेध सैनी को 29 वर्ष पुराने एक मामले में अग्रिम जमानत दे दी।
मोहाली में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोनिका गोयल की अदालत के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
सैनी के वकील एपीएस देओल ने कहा, '' हमारे तर्क सुनने के बाद अदालत ने अग्रिम जमानत प्रदान की।''
वर्ष 1991 में बलवंत सिंह मुल्तानी के लापता होने के मामले में सैनी और छह अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
देओल ने कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष तर्क रखा कि एक प्रतिष्ठित अधिकारी रहे सैनी के खिलाफ 29 वर्ष बाद प्राथमिकी दर्ज किया जाना बरकरार रखने योग्य नहीं था।
उन्होंने कहा कि 29 वर्ष बाद प्राथमिकी दर्ज किया जाना शिकायतकर्ता की दुर्भावना को दर्शाता है।
सैनी के वकील ने कहा कि इस मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी को पहले ही वर्ष 2011 में उच्चतम न्यायालय खारिज कर चुका है। उन्होंने आगे यह भी तर्क दिया कि उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद भी शिकायतकर्ता ने आगे कोई कार्यवाही नहीं की।
सैनी और अन्य छह आरोपियों पर मुल्तानी के लापता होने के मामले में अपहरण समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी जोकि चंडीगढ़ औद्योगिक एवं पर्यटन निगम में कनिष्ठ अभियंता थे।
मुल्तानी के भाई पलविंदर सिंह की शिकायत के बाद मोहाली के मटौर थाने में सैनी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
मोहाली निवासी बलवंत मुल्तानी को चंडीगढ़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सैनी पर हुए बम हमले के बाद पुलिस ने उठाया था, जिसके बाद से वह कभी घर नहीं लौटे। मुल्तानी सेवानिवृत्त आईएएस दर्शन सिंह मुल्तानी के बेटे थे।
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(The above story first appeared on LatestLY on May 11, 2020 08:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

