देश की खबरें | जी 20 बैठक में मोदी-नीतीश की मुलाकात का ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिये : भाजपा

पटना, 13 सितंबर भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय जयसवाल ने दिल्ली में जी 20 बैठक के इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच हुई मुलाकात के बारे में बुधवार को कहा कि इसका ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

भाजपा की बिहार इकाई के अध्यक्ष रह चुके जयसवाल ने नीतीश की पार्टी जदयू के साथ संबंधों में नरमी की संभावना से इनकार करते हुए दावा किया कि जब दोनों पार्टियां एक-दूसरे के साथ गठबंधन में थीं तो मुख्यमंत्री ‘‘बोझ बन गए थे।’’

जयसवाल ने उत्तर बिहार के मधुबनी जिले के झंझारपुर में पत्रकारों के सवालों के जवाब में उक्त बातें कही। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी दौरे की तैयारियों का निरीक्षण करने के लिये वह झंझारपुर में थे ।

शाह 16 सितंबर को झंझारपुर के एक दिवसीय दौरे पर होंगे जहां सशस्त्र सीमा बल के एक समारोह में भाग लेने के अलावा उनका एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करने का कार्यक्रम है ।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में जो हुआ वह एक सामान्य शिष्टाचार था और इन बातों का ज्यादा मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश में 2025 में विधानसभा चुनाव होने पर हम बिहार में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। नीतीश कुमार के पास वापस जाने का कोई सवाल ही नहीं है जो हमारे लिए बोझ बन गए थे। उन्होंने लोगों का भरोसा खो दिया है। पिछला विधानसभा चुनाव हमने लगभग बराबर सीटों पर लड़ा था। हम 74 सीटों पर विजयी रहे थे जबकि जदयू 50 सीटें भी नहीं जीत सकी।’’

जी 20 बैठक में विश्व धरोहर स्थल प्राचीन नालंदा महाविहार को प्रदर्शित करने के लिये केंद्र पर ‘‘बिहार के लोगों के साथ मजाक करने’’ का आरोप लगाते हुये जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार ने कहा कि कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर एक आधुनिक नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय खुला है, जिसके लिए दुनिया भर के देश सहायता प्रदान करने के लिए सहमत हुए हैं।

कुमार ने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी को इस परियोजना को दिखाने में शर्म महसूस हो रही थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह तथ्य कितना हास्यास्पद है कि इसे नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय कहा जाता है, लेकिन बौद्ध धर्म को लेकर इसमें कोई पाठ्यक्रम है।

जदयू नेता ने कहा, ‘‘मुझे आश्चर्य है कि इस केंद्रीय विश्वविद्यालय में एकात्म मानववाद (दिवंगत आरएसएस विचारक दीन दयाल उपाध्याय द्वारा प्रतिपादित विचारधारा) और संपूर्ण राजनीति विज्ञान (कथित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित डिग्री की ओर इशारा) में डिग्री प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है।’’

उन्होंने कहा कि बिहार पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा इसे पचा नहीं पा रही है।

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