नयी दिल्ली, 15 जून नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश में आपदा प्रबंधन के लिए समग्र और एकीकृत दृष्टिकोण अपनाया है, जिसके परिणामस्वरूप चक्रवातों के दौरान हताहतों की संख्या और संपत्ति के नुकसान में 98 प्रतिशत की कमी आई है। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
सूत्रों ने कहा कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के कार्यकाल में किसी आपदा के बाद राहत प्रदान की जाती थी, लेकिन अब यह बदल गया है क्योंकि आपदा पूर्व ही राहत एवं बचाव की तैयारी की जाती है और शून्य हताहत के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित किया जाता है।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं जान-माल का भारी नुकसान करती हैं लेकिन मोदी सरकार चक्रवात, भूकंप और बाढ़ जैसी आपदाओं से प्रभावित लोगों के जीवन को सुरक्षित करने की पूरी कोशिश कर रही है।
सूत्रों ने कहा कि केंद्र सरकार किसी भी आपदा से प्रभावित सभी लोगों को सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सूत्रों ने कहा कि सरकार की यह प्रतिबद्धता प्राकृतिक आपदाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसने महामारी के दौरान भी प्रभावी योजना और निष्पादन के माध्यम से लोगों को हरसंभव सहायता प्रदान की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने ना केवल घरेलू स्तर बल्कि युद्धग्रस्त क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने में भी भूमिका निभाई है।
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