देश की खबरें | मोदी ने भ्रष्टाचार, वंशवादी राजनीति को लेकर तृणमूल कांग्रेस की आलोचना की

सिलीगुड़ी(पश्चिम बंगाल), नौ मार्च प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति को लेकर शनिवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अपने हमले को तेज करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल टीएमसी एवं कांग्रेस जैसी पार्टियां राष्ट्र के विकास से अधिक अपने परिवारों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत पार्टी टीएमसी को बंगाल की सत्ता से हटाने की जरूरत पर जोर देते हुए मोदी ने कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल से भ्रष्ट टीएमसी सरकार को हटाने का मार्ग लोकसभा चुनावों से खुलेगा।’’

मोदी ने उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग जिले के सिलीगुड़ी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘भ्रष्ट टीएमसी सरकार दलित, आदिवासी, ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) और महिला विरोधी है। टीएमसी सरकार ने राशन योजना में ही घोटाला कर दिया। उनके नेता और मंत्री राशन घोटाला मामले में जेल में हैं। पार्टी बंगाल की जनता को लूट रही है।’’

वहीं, टीएमसी ने तुरंत ही पलटवार करते हुए इन आरोपों को बेबुनियाद करार दिया। राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी ने प्रधानमंत्री मोदी को ‘प्रवासी पक्षी’ करार दिया, जो केवल चुनाव से पहले सामने आते हैं और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर पश्चिम बंगाल को लगातार आर्थिक रूप से वंचित करने का आरोप लगाया।

भाजपा ने 2019 के लोकसभा चुनावों में बंगाल में 18 सीट पर जीत दर्ज की थी।

मोदी ने उत्तर बंगाल के विकास के लिए भाजपा के एजेंडा को रेखांकित किया और बुनियादी ढांचे तथा ‘चाय-लकड़ी-पर्यटन’ को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

उन्होंने वामपंथी और टीएमसी सरकारों के शासन की आलोचना करते हुए क्षेत्र की जरूरतों की उपेक्षा का उनपर आरोप लगाया।

मोदी ने कहा, ‘‘क्षेत्र के लोगों के संघर्षों और आकांक्षाओं की पहले वामपंथियों ने और बाद में टीएमसी ने उपेक्षा की। वे गरीबों की जमीन हड़पने में व्यस्त रहे।’’

उत्तर बंगाल के गोरखा समुदाय को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि भाजपा क्षेत्र के गोरखा भाइयों की आकांक्षाओं और चुनौतियों के प्रति सहानुभूति रखती है।

उन्होंने कहा कि गोरखा समुदाय दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के कुछ हिस्सों को मिलाकर एक अलग राज्य बनाने की मांग कर रहा है।

विपक्षी दलों की वंशवादी राजनीति पर प्रहार करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘टीएमसी को केवल अपने भतीजे की, जबकि कांग्रेस को केवल राजपरिवार की चिंता है।’’ उन्होंने टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और कांग्रेस में गांधी परिवार का संभवत: संदर्भ देते हुए यह कहा।

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि मैं गरीबों के विकास के लिए काम करता हूं, इसलिए टीएमसी और कांग्रेस के नेता मुझे पसंद नहीं करते हैं। टीएमसी को अपने भतीजे की चिंता है। कांग्रेस अपने राजपरिवार के बेटे-बेटियों को आगे बढ़ाना चाहती है। वाम दल इन दोनों के साथ तालमेल बनाए रखना चाहते हैं, ताकि वे दौड़ में बने रहें।’’

मोदी ने कहा, ‘‘इन लोगों को आपके बच्चों की कोई परवाह नहीं है। अगर कोई है, जिसे आपके बच्चों के भविष्य की चिंता है, तो वह मोदी, भाजपा, राजग है। इसलिए आज देश का हर व्यक्ति ‘मैं हूं मोदी का परिवार’ कह रहा है।’’

संदेशखालि की हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए, मोदी ने पीड़ितों के प्रति कथित उदासीनता के लिए राज्य सरकार की आलोचना की। इलाके में टीएमसी नेताओं पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं।

उन्होंने कहा कि संदेशखालि में टीएमसी नेताओं ने गरीब, दलित और आदिवासी बहनों के साथ जो किया, उसपर चर्चा पूरे देश में हो रही है। उन्होंने कहा, ‘‘महिलाओं पर अत्याचार और गरीबों की कमाई लूटना टीएमसी के गुंडों और रंगदारों की पहचान रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने देश की माताओं को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करते देखा है। यही कारण है कि मैं स्वच्छता, मुफ्त बिजली, बैंक खाते और नल से जल पर जोर देता हूं, ताकि हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान बन सके। लेकिन यहां पहले वाम मोर्चा और फिर टीएमसी सरकार ने राज्य के लोगों की मूलभूत जरूरतों को नजरअंदाज किया।’’

मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस राज्य के लोगों को लूट रही है और इसने मनरेगा के तहत केंद्र से भेजी गई केंद्रीय निधि को लूटने के लिए फर्जी रोजगार कार्ड बनाए।

मोदी पर पलटवार करते हुए टीएमसी से राज्यसभा सदस्य सुष्मिता देव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘नरेन्द्र मोदीजी आज फिर से बंगाल में हैं। सिर्फ रिकॉर्ड के लिए, वह पिछले दो वर्षों में राज्य में आए।’’

पार्टी की एक और राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने मोदी को ‘‘वोट के लिए आने वाला मौसमी पक्षी’’ बताते हुए राज्य से चार लाख करोड़ रुपये वसूलने के बावजूद इसे एक लाख करोड़ रुपये का बकाया नहीं चुकाने को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार की आलोचना की।

उन्होंने मोदी से ‘‘चुनावमंत्री’’ के बजाय ‘‘प्रधानमंत्री’’ बनने का आग्रह किया।

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने भ्रष्टाचार और अत्याचार में उनकी पार्टी की संलिप्तता के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रया व्यक्त करते हुए कहा, ‘‘आरोप निराधार हैं। वह (मोदी) भ्रष्टाचार के बारे में बोल रहे थे, लेकिन क्या भाजपा ने सीबीआई की प्राथमिकी में नामजद शुभेंदु अधिकारी को पार्टी से निलंबित कर दिया? वह महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के बारे में बोल रहे थे, लेकिन मणिपुर की महिलाओं के बारे में क्या? उन्होंने कभी भी हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करने की जहमत नहीं उठाई।’’

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