नयी दिल्ली, 16 अक्टूबर दिल्ली के विधायक करतार सिंह तंवर ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उन्हें विधानसभा से अयोग्य ठहराए जाने के फैसले को चुनौती दी।
याचिका 18 अक्टूबर को न्यायमूर्ति संजीव नरूला के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।
छतरपुर निर्वाचन क्षेत्र से 2020 में आप के टिकट पर जीतने वाले तंवर को 24 सितंबर को विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्य घोषित कर दिया था।
एक अन्य विधायक राजकुमार आनंद के साथ तंवर जुलाई में पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे।
अपनी याचिका में तंवर ने कहा कि सेवा समाप्ति का आदेश “गुप्त” और “अस्पष्ट” था, तथा उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर दिए बिना जल्दबाजी में पारित किया गया था।
याचिका में विधानसभा अध्यक्ष के अलावा विधायक दिलीप कुमार पांडे को भी पक्षकार बनाया गया है क्योंकि उन्होंने अगस्त में याचिकाकर्ता को अयोग्य ठहराने की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई थी।
तंवर ने अपनी याचिका में कहा कि यह ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ आंदोलन था जिसने उन्हें आप में शामिल होने के लिए प्रेरित किया, लेकिन “एक के बाद एक घोटालों” ने पार्टी को बदनाम कर दिया है और “नेताओं के असली चेहरे को बेनकाब कर दिया है”।
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