देश की खबरें | ‘भारत बंद’ का उप्र में मिला-जुला असर: समर्थन कर रहे दलों के नेताओं को किया गया गिरफ्तार और नजरबंद

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का मंगलवार को उत्तर प्रदेश में मिला-जुला असर दिखा।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

लखनऊ, आठ दिसंबर नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसान संगठनों द्वारा आहूत भारत बंद का मंगलवार को उत्तर प्रदेश में मिला-जुला असर दिखा।

भारत बंद का विभिन्न विपक्षी राजनीतिक दल समर्थन कर रहे हैं। प्रशासन किसी भी तरह की अप्रिय घटना से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।

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राज्य की राजधानी लखनऊ में बंद का कोई खास असर नहीं दिख रहा है। वहीं प्रदेश के अन्य विभिन्न जिलों में बंद का कहीं कम, तो कहीं ज्यादा असर दिखाई दे रहा है।

भारत बंद का समर्थन कर रही समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं की प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस के साथ तीखी झड़प हुई।

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प्रयागराज से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, सपा कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज स्टेशन पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन को रोक दिया और पटरी पर लेट कर नारेबाजी की।

पुलिस अधीक्षक (नगर) दिनेश कुमार ने बताया कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस जब प्रयागराज रेलवे स्टेशन पहुंची, तो वहां मौजूद कुछ सपा कार्यकर्ता पटरी पर लेट गए और नारेबाजी की। हालांकि उन्हें वहां से जल्द ही हटाकर हिरासत में ले लिया गया।

प्रदेश के बस्ती, बहराइच, गोरखपुर, चंदौली, सोनभद्र, इटावा तथा कुछ अन्य जिलों से सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प और नोकझोंक की खबरें मिली हैं।

लखनऊ में सपा के विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप, आनंद भदौरिया, सुनील साजन और आशु मलिक भारत बंद के समर्थन में विधान भवन परिसर में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने बैठे।

भारत बंद का समर्थन कर रही कांग्रेस के प्रदेश मीडिया समन्वयक ललन कुमार ने बताया कि सरकार इस बंद को दबाने पर पूरी तरह उतारू है और राज्य के विभिन्न जिलों में देर रात से ही कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला शुरू कर दिया गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने गोरखपुर, आज़मगढ़, ग़ाज़ीपुर, चित्रकूट, सहारनपुर और कानपुर नगर में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार तथा नजरबंद किया है।

इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (राधे गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधे लाल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज को दबाने के लिए भारत बंद को विफल करने के मकसद से हर संभव हथकंडा अपना रही है।

उन्होंने कहा कि भारत बंद को विफल बनाने के लिए उनकी यूनियन के कार्यकर्ताओं की भी धरपकड़ की गई है।

इस बीच, राष्ट्रीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने कहा कि उनके संगठन के पदाधिकारियों को उन्नाव, सीतापुर, हरदोई ,औरैया, कन्नौज, प्रयागराज, गाजियाबाद तथा अन्य शहरों में पुलिस ने नजरबंद किया है, जो लोकतंत्र की हत्या जैसा है।

कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों द्वारा बुलाये गए 'भारत बंद' का बुंदेलखंड़ के सभी सात जिलों में आंशिक असर दिखा।

बांदा शहर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) जयश्याम शुक्ला ने बताया कि समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी के आवास में मंगलार सुबह 14 सपा नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है। करीब 50-60 सपा कार्यकर्ता सोमवार से ही पुलिस हिरासत में पुलिस लाइन पर हैं।

उधर, चित्रकूट से पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल के हवाले से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में हर जगह पुलिस तैनात है। कोतवाली पुलिस ने सपा के पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल को हिरासत में लिया गया है। मुलायम नगर में पुलिस की सख्ती के बावजूद सपा जिलाध्यक्ष अनुज सिंह यादव के नेतृत्व में कुछ सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करने की कोशिश की, जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

महोबा जिले से मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस ने सपा के कुछ नेताओं को सोमवार से ही नजरबंद कर रखा है। दुकानें आंशिक रूप से बंद हैं, लेकिन लोगों की आवाजाही देखी जा रही है।

कमोबेश यही स्थिति बुंदेलखंड के हमीरपुर, जालौन और ललितपुर जिले की है। इन जिलों में भी दुकानें खुली हैं, लोग आवाजाही भी कर रहे हैं। कुल मिलाकर बुंदेलखंड में 'भारत बंद' का आंशिक असर देखने को मिल रहा है।

मऊ से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक भारत बंद के दौरान शहरी तथा ग्रामीण इलाकों में बाजार बंद रहे।

किसानों के समर्थन में उतरी सपा, कांग्रेस के नेताओं को पुलिस ने उनको घरों में ही रोक दिया। हलधरपुर थानाध्यक्ष डीके श्रीवास्तव ने पहसा बाजार में बंद दुकानों को देख दुकानदारों से कहा कि जो भी दुकानदार दुकान खोलना चाहता है, वह खोल सकता है और उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।

सपा नेता आलोक सिंह ने कहा कि भारत बंद को समर्थन देने के कारण उनकी पार्टी के लोगों को पुलिस ने घर पर ही रोक दिया है।

कौशांबी से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक जिले में भारत बंद बेअसर रहा। जिले के प्रमुख बाजार रोज की तरह खुले रहे।

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