देश की खबरें | 'विज्ञान से संबंधित मंत्रालय, केंद्र सरकार के अन्य मंत्रालयों तथा विभागों के साथ शीघ्र करेंगे मंथन'

नयी दिल्ली, 21 जुलाई केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बुधवार को कहा कि विज्ञान से संबंधित मंत्रालय, अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के अन्य मंत्रालयों तथा विभागों से शीघ्र ही गहन विमर्श करेंगे।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्री सिंह ने कहा कि विज्ञान से संबंधित विभिन्न मंत्रालय राष्ट्र निर्माण में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं और उन्हें पृथक होकर काम नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “कोविड-19 महामारी ने हमें न केवल घरेलू बल्कि वैश्विक स्तर पर समन्वय और सहयोग के महत्व के बारे में सिखाया है।”

उन्होंने कहा, “शीघ्र ही, एक नई प्रक्रिया शुरू की जाएगी जिसके तहत भारत सरकार के हर मंत्रालय और विभाग के साथ विज्ञान और प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी मंत्रालय तथा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), गहन विमर्श और चर्चा करेंगे।”

भारत के परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व अध्यक्ष अनिल काकोडकर के नेतृत्व में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर तैयार की गई एक रिपोर्ट का लोकार्पण करने करने के बाद मंत्री ने यह बयान दिया।

सिंह ने कहा कि पांच साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के कारण राष्ट्रीय राजधानी में व्यापक स्तर पर चर्चा हुई थी जिसमें विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के प्रतिनिधियों तथा अंतरिक्ष विभाग और इसरो के वैज्ञानिकों ने भाग लिया था। इस चर्चा का उद्देश्य यह जानना था कि अंतरिक्ष तकनीक का इस्तेमाल अवसंरचनात्मक विकास और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किस प्रकार किया जा सकता है।

सिंह ने कहा कि आज विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में 44 देशों के साथ भारत का सहयोग है और आने वाले दिनों में इस सूची को और बढ़ाया जाएगा।

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