जरुरी जानकारी | रेल मंत्रालय ने स्टेशनों पर माल रखने के निजी क्षेत्र के जरिये शेड विकसित करने की नीति जारी की

नयी दिल्ली, 15 अक्टूबर रेल मंत्रालय ने स्टेशनों पर माल रखने के लिए निजी निवेश के जरिये शेड विकसित करने के लिए नीति जारी की है। यह शेड छोटे या सड़क से लगे स्टेशनों पर बनाए जाने हैं।

मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा कि इस नीति का मकसद रेलवे की टर्मिनल क्षमता बढ़ाना है।

यह भी पढ़े | Ranveer Singh’s car meets with minor accident: रणवीर सिंह की कार को बाइक ने मारी टक्कर, घटना का वीडियो आया सामने.

नीति के तहत निजी इकाइयों को स्टेशनों पर माल लादने या उतारने, श्रमिकों के लिए आराम करने, पेयजल एवं स्नानागार इत्यादि सुविधाएं विकसित करने की अनुमति होगी। वह स्टेशन तक पहुंचे के लिए रोड, माल के लिए शेड और अन्य संबद्ध बुनियादी सुविधाएं भी विकसित कर सकेंगे।

नीति के मुताबिक इन सुविधाओं के विकास के लिए निजी इकाइयों को खुद निवेश करना होगा।

यह भी पढ़े | Rahul Gandhi Attack on Modi Government: राहुल गांधी ने ट्वीट कर मोदी सरकार पर किया हमला, कही ये बात.

इस तरह की सभी प्रस्तावित सुविधाओं को रेलवे के डिजाइन और मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा। रेलवे इस तरह के निर्माण के लिए कोई विभागीय या अन्य शुल्क नहीं लेगा।

मंत्रालय के बयान के मुताबिक, ‘‘ निजी इकाइयों द्वारा विकसित की जाने वाली इन सुविधाओं का इस्तेमाल सार्वजनिक सुविधा के रूप में किया जाएगा। निजी इकाई के माल यातायात को अन्य ग्राहकों के ऊपर कोई वरीयता नहीं दी जाएगी।’’

रेल मंत्रालय ने कहा कि समझौते की अवधि तक सुविधा के रखरखाव की जिम्मेदारी निजी इकाई पर ही होगी।

योजना के तहत निजी इकाइयों को प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। इसमें टर्मिनल शुल्क और टर्मिनल एक्सेस शुल्क में हिस्सेदारी शामिल होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)