देश की खबरें | मंत्री ने ‘उच्च जाति की महिलाओं’ पर की गई अपनी टिप्पणी के लिए खेद व्यक्त किया, इस्तीफे की मांग

भोपाल, 27 नवंबर मध्यप्रदेश के मंत्री बिसाहूलाल सिंह ने ‘‘ उच्च जाति ’’ की महिलाओं के बारे में दिये गये बयान पर शनिवार को खेद व्यक्त किया लेकिन इससे राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना का कोप शांत नहीं हुआ और संगठन ने मंत्री के खिलाफ प्रदर्शन कर उनके त्यागपत्र की मांग की।

आदिवासी मंत्री ने दावा किया कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला गया और किसी को ठेस पहुंचाना उनका इरादा नहीं था।

इसके कुछ घंटों बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने यहां प्रदेश भाजपा कार्यालय के बाहर उनकी कार का घेराव कर उन्हें काले झंडे दिखाए और उनके त्यागपत्र की मांग की।

भाजपा और करणी सेना के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक के बाद करीब आधे घंटे तक धरना प्रदर्शन चलता रहा।

ठाकुर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने भाजपा नेता पर निशाना साधा और कहा, ‘‘ आप महिलाओं को घरों से बाहर निकालने की बात कर रहे हैं, इतिहास गवाह है कि हमने उन लोगों को माफ नहीं किया जिन्होंने हम पर आंख उठाई है।’’

यहां यह गौरतलब है कि बिसाहूलाल सिंह को कभी कांग्रेस के दिग्गज नेता और जयवर्धन सिंह के पिता दिग्विजय सिंह के वफादार समर्थक के तौर पर जाना जाता था। बिसाहूलाल मार्च 2020 में भाजपा में शामिल हो गये थे ।

अनूपपुर जिले में महिलाओं को सम्मानित करने के लिए आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा था, ‘‘ बड़े लोग (उच्च जाति) ठाकुर और कुछ अन्य बड़े लोग अपनी महिलाओं को घरों में रखते हैं और उन्हें बाहर नहीं जाने देते जबकि हमारे गांवों में (समाज के निचले तबके की) महिलाएं खेत और घर का काम करती हैं। आप आगे आएं और जितने बड़े बड़े ठाकुर-आकुर हैं न, उनका घर में जाकर महिलाओं को पकड़ कर बाहर निकालें। उनके साथ समाज का काम करें।’

मंत्री द्वारा की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए ‘श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना’ ने शुक्रवार को यहां मंत्री के सरकारी निवास के पास विरोध प्रदर्शन किया और मंत्री का पुतला जलाया।

अपनी टिप्पणी पर अपना रुख साफ करते हुए मंत्री ने एक बयान जारी कर कहा कि महिलाओं के सम्मान के लिए आयोजित एक समारोह में अपने संबोधन में राजपूतों या समाज के किसी अन्य वर्ग को चोट पहुंचाने का उनका कोई इरादा नहीं था। उन्होंने दावा किया कि उनके कुछ वाक्यों का गलत अर्थ निकाला गया।

सिंह ने कहा, ‘‘ जिनके पास मेरे भाषण की रिकॉर्डिंग है। वे यदि मेरे भाषण को ध्यान से सुनेंगे तो मुझसे सहमत होंगे।’’

उन्होंने कहा कि अपने निर्वाचन क्षेत्र में आमतौर पर वह लोगों से हिंदी और स्थानीय बोली सहित मिश्रित में बात करते हैं। इस संबोधन में भी उन्होंने इसी तरह की का इस्तेमाल किया था।

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