देश की खबरें | केरल में प्रवासी कामगार की बेटी ने विश्वविद्यालय में शीर्ष स्थान हासिल किया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

तिरुवनंतपुरम, 23 अगस्त विश्वविद्यालय में पहली रैंक हासिल करने की बात तो बिहार के प्रवासी कामगार की बेटी पायल कुमारी ने कभी सोची भी नहीं थी। केरल के महात्मा गांधी विश्वविद्यालय में बीए पुरातत्व विज्ञान में शाीर्ष स्थान हासिल करने वाली पायल ने आर्थिक कठिनाईयों समेत अनेक विपरित हालात के बावजूद 85 फीसदी अंक प्राप्त किए हैं।

यह परिवार करीब दो दशक पहले केरल आ गया था।

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कॉलेज की सालाना फीस तीन हजार रूपये भरना भी परिवार के लिए कठिन था लेकिन पायल के शिक्षकों समेत अन्य भले लोगों की मदद के सहारे यह मुश्किल आसान हो गई और अब उसका लक्ष्य प्रतिष्ठित जेएनयू से स्नातकोत्तर करना और सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करना है।

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने शनिवार को पायल को फोन पर बधाई दी।

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पायल के पिता प्रमोद कुमार बिहार के शेखपुरा जिले के गोसाईमती गांव के रहने वाले हैं और परिवार के लिए बेहतर भविष्य की तलाश में 19 साल पहले केरल आए थे।

पहले वर्ष पायल कुमारी की इतिहास की लेक्चरर प्रिया कुरियन ने उनकी फीस भरी। बाकी के दो वर्ष में भी शिक्षकों ने मदद की।

पायल कहती हैं, ‘‘मुझे पता था कि परिणाम अच्छा आएगा लेकिन रैंक की उम्मीद नहीं की थी।’’

मिजोरम के राज्यपाल पीएस श्रीधरन पिल्लई और राज्य के कृषि मंत्री वीएस सुनील कुमार ने भी उन्हें बधाई संदेश भेजे हैं।

वित्त मंत्री टी एम थॉमस इसाक ने ट्विटर पर लिखा कि उन्हें पायल कुमारी पर गर्व है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने कहा कि पायल की सफलता केरल से आई समावेशी भारत की एक और कहानी है।

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