मुंबई, 23 अगस्त छोटी राशि के कर्ज बांटने वाले वित्त संस्थानों (एमएफआई) ने पिछले वित्त वर्ष में 40 प्रतिशत कर्ज वितरित करने के साथ ही इस मामले में बैंकों को पीछे छोड़ दिया। एक विश्लेषण रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है।
केयर रेटिंग्स ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में कहा कि कोविड महामारी के दौरान कर्ज वितरण एवं वसूली दोनों के बुरी तरह प्रभावित होने के बाद हालात सुधरे हैं और एमएफआई ने कुल कर्ज वितरण में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी जारी रखी है।
वित्त वर्ष 2021-22 में यह हिस्सेदारी 35 प्रतिशत थी जो वर्ष 2022-23 में बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई।
सूक्ष्म वित्त कर्जों के कारोबार में एमएफआई ने चार साल के अंतराल के बाद फिर से बैंकों को पीछे छोड़ दिया। अमूमन सभी बैंक अपनी प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को कर्ज वितरण के क्रम में छोटी राशि के कर्ज बांटते हैं।
एमएफआई ने पिछले वित्त वर्ष में 37 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की जबकि बैंकों की छोटे कर्ज में वृद्धि दर 34 प्रतिशत रही। बैंकों के मामले में यह अनुपात वित्त वर्ष 2021-22 में 40 प्रतिशत था जो 2020-21 में 44 प्रतिशत रहा था।
पिछले वित्त वर्ष 2022-23 में छोटी राशि के कर्जों का कारोबार 37 प्रतिशत की दर से बढ़ा। इसके पीछे अनुकूल वृहद-आर्थिक परिवेश और नए सिरे से आई मांग की अहम भूमिका रही।
केयर रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक संजय अग्रवाल की अगुवाई में तैयार रिपोर्ट में वृद्धि का यह सिलसिला चालू वित्त वर्ष में भी जारी रहने की उम्मीद जताई गई है। हालांकि इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी होकर 28 प्रतिशत रह सकती है।
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