जरुरी जानकारी | बैंकों, वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बेचने के लिए मर्चेंट बैंकरों, विधि कंपनियों की तलाश शुरू

नयी दिल्ली, 24 फरवरी निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने सोमवार को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और सूचीबद्ध वित्तीय संस्थानों में सरकार की हिस्सेदारी बेचने में मदद के लिए मर्चेंट बैंकरों और विधि कंपनियों से बोलियां आमंत्रित कीं।

दीपम के आरएफपी (अनुरोध प्रस्ताव) के अनुसार मर्चेंट बैंकरों और विधि फर्मों को तीन साल के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा। उनका कार्यकाल एक साल तक बढ़ाया जा सकता है।

वित्त मंत्रालय के अधीन दीपम सार्वजनिक क्षेत्र की संस्थाओं में सरकारी हिस्सेदारी का प्रबंधन करता है।

चयनित मर्चेंट बैंकर और विधि फर्म चुनिंदा सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों/ सूचीबद्ध सार्वजनिक वित्तीय संस्थानों में हिस्सेदारी बेचने के लिए लेनदेन के समय सरकार को सलाह देंगे।

मर्चेंट बैंकरों के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 27 मार्च है।

मर्चेंट बैंकर पूंजी बाजार लेनदेन को संभालने की क्षमता के आधार पर दो श्रेणियों के तहत दीपम के साथ सूचीबद्ध होने के लिए आवेदन कर सकते हैं। पहली श्रेणी 'ए प्लस' 2,500 करोड़ रुपये या उससे अधिक के लेनदेन के लिए है। इसी तरह 2,500 करोड़ रुपये से कम लेनदेन के लिए श्रेणी 'ए' होगी।

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