नयी दिल्ली, 13 दिसंबर कृत्रिम मेधा (एआई) पर वैश्विक साझेदारी के 29 सदस्यों के गठबंधन ने सर्वसम्मति से नयी दिल्ली घोषणा को अपनाया है।
इसमें लाभकारी अनुप्रयोगों पर सहयोगात्मक दृष्टिकोण, लोगों की सुरक्षा और भरोसेमंद एआई के संबंध में एक वैश्विक ढांचे के लिए प्रतिबद्धता जताई गई है।
आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कृत्रिम मेधा पर वैश्विक साझेदारी (जीपीएआई) शिखर सम्मेलन 2023 के दौरान कहा कि घोषणा में यह भी सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया है कि एआई और इसके लाभ वैश्विक दक्षिण सहित दुनिया के सभी देशों के लिए समान रूप से उपलब्ध हों।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी साढ़े चार घंटे की मंत्रिस्तरीय परिषद की बैठक हुई, जिसमें जीपीएआई के 29 भागीदार देशों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से नयी दिल्ली घोषणा को अपनाया। इसमें नवाचार के मामले में एआई के भविष्य को आकार देने और सहयोगी एआई के लिए जीपीएआई को सबसे आगे रखने का वादा किया गया है।''
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल, कृषि और कई अन्य क्षेत्रों में एआई के अनुप्रयोग बनाने के लिए भागीदार देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
चंद्रशेखर ने कहा कि सदस्य देश इस बात पर सहमत हुए कि जीपीएआई एआई प्रशासन के भविष्य को आकार देने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।
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