देश की खबरें | मेकेदातु बांध के निर्माण की अनुमति नहीं देंगे : पलानीस्वमाी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

चेन्नई, 15 सितंबर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने मंगलवार को विधानसभा में आश्वासन दिया कि राज्य सरकार कर्नाटक के मेकेदातु में कावेरी नदी पर जलाश्य बनाने की अनुमति नहीं देगी।

द्रमुक के उपनेता दुरईमुरुगन ने कर्नाटक सरकार द्वारा मेकेदातु में जलाश्य बनाने की शीघ्र मंजूरी के लिए केंद्र का रुख करने की खबर का हवाला दिया तो पलानीस्वमाी ने कहा कि कावेरी मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का फैसला स्पष्ट है।

यह भी पढ़े | SOC मीटिंग में पाकिस्तान ने की नपाक हरकत, NSA अजीत डोभाल ने छोड़ी मीटिंग.

उन्होंने कहा कि फैसले के मुताबिक ‘‘तमिलनाडु के हिस्से का पानी पूरी तरह से छोड़ा जाना चाहिए। इतना ही नहीं, पानी को न तो बाधित किया जा सकता है और न ही मोड़ा जा सकता है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक बार-बार कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण में मेकेदातु के प्रस्ताव को चर्चा के लिए लाने का प्रयास कर रहा है लेकिन तमिलनाडु के कड़े विरोध के कारण यह रुका हुआ है।

यह भी पढ़े | Kerala: केरल के सीएम पिनरई विजयन का बड़ा आरोप, कहा- कुछ राजनीतिक पार्टियां कोरोना के मामले बढ़ानें में जुटी हैं.

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘‘यह मामला उच्चतम न्यायालय में लंबित है। मैं विशेषतौर पर उपनेता को स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि तमिलनाडु सरकार कभी भी उन्हें (कर्नाटक को) मेकेदातु बांध बनाने की अनुमति नहीं देगी।’’

पलानीस्वामी ने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से इस मुद्दे पर तमिलनाडु के अधिकार स्थापित करने में मदद मिलेगी।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 के प्रस्ताव के मुताबिक कर्नाटक के मेकेदातु में जलाश्य बनाने की योजना है जिसपर नौ हजार करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। इसका उद्देश्य बेंगलुरु महानगर इलाके और आसपास के क्षेत्रों को पेयजल मुहैया कराने के साथ 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन करना है।

तमिलनाडु ने इसका कड़ा विरोध किया है और उच्चतम न्यायालय का रुख किया है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे नदी के डेल्टा में उसके हिस्से के पानी में कमी होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)