एनएसओ के कम विकास दर रहने के अनुमान पर प्रमुख मायावती ने जताई चिंता
बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय आय के जताए गए अग्रिम अनुमान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसको लेकर अगर कोई वास्तव में दुखी है तो वह देश के गरीब एवं मेहनतकश समाज के लोग हैं.
लखनऊ, 8 जनवरी : बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय आय के जताए गए अग्रिम अनुमान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसको लेकर अगर कोई वास्तव में दुखी है तो वह देश के गरीब एवं मेहनतकश समाज के लोग हैं. एनएसओ के चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय आय के अग्रिम अनुमान के मुताबिक, देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा.
मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''विकास दर चार वर्षों में सबसे कम 6.4 प्रतिशत रह सकती है. अखबारों में यह आज प्रमुख खबर है, जिसको लेकर अगर कोई वास्तव में दुखी है तो वह देश के गरीब एवं मेहनतकश समाज के लोग हैं जो अपनी बदहाल जिन्दगी के बावजूद देश के बारे में कुछ भी अहित सुनने को तैयार नहीं हैं.'' उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह उन करोड़ों लोगों की भावनाओं की कद्र करते हुए उनके 'अच्छे दिन' के लिए संकीर्ण राजनीति को त्यागकर जन व देशहित की चिन्ताओं पर ध्यान केन्द्रित करे. यह भी पढ़ें : Honey Rose Sexual Harassment Case: केरल के बिजनेसमैन बॉबी चेम्मनूर की बढ़ी मुशिकलें, मलयालम अभिनेत्री हनी रोस के यौन उत्पीड़न के आरोप में गिरफ्तार
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने चालू वित्त वर्ष के लिए राष्ट्रीय आय का पहला अग्रिम अनुमान जारी करते हुए मंगलवार को कहा कि देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वित्त वर्ष 2024-25 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में इसकी वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत थी. अगर ऐसा होता है तो देश की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2020-21 के बाद सबसे धीमी गति से बढ़ेगी.
(The above story first appeared on LatestLY on Jan 08, 2025 01:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

